रायपुर में नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से उचित मूल्य दुकानों तक राशन सामग्री पहुंचाने में देरी हो रही है। भनपुरी स्थित गोदाम नंबर-4 से चावल और शक्कर का समय पर भंडारण नहीं हो पाने के कारण कई दुकानों में राशन का स्टॉक खत्म हो गया है। इसका असर सीधे हितग्राहियों पर पड़ रहा है, जिन्हें राशन लेने के लिए आने के बाद खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक उचित मूल्य दुकानों के संचालक स्टॉक खत्म होने से करीब एक सप्ताह पहले ही नए भंडारण की मांग कर देते हैं, ताकि दुकानों में राशन की कमी न हो। इसके बावजूद समय पर सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सीमित वाहनों से हो रही सप्लाई
गोदाम से राशन वितरण में आ रही समस्या की वजह ट्रांसपोर्ट की कमी बताई जा रही है। गोदाम प्रभारी के अनुसार प्रतिदिन गोदाम में सिर्फ दो ट्रक ही लगाए जा रहे हैं और ये भी केवल एक बार ही सामान लेकर निकलते हैं।
कम गाड़ियों के कारण राशन की ढुलाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है और कई दुकानों तक चावल और शक्कर का स्टॉक समय पर नहीं पहुंच रहा है। अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
अन्य गोदामों में भी यही हाल
भनपुरी के अलावा मंदिर हसौद और धरसींवा स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में भी इसी तरह की समस्या सामने आ रही है। इन गोदामों में भी ट्रांसपोर्टर द्वारा तय संख्या के मुकाबले काफी कम गाड़ियां लगाई जा रही हैं। इसके चलते इन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली कई उचित मूल्य दुकानों में राशन का भंडारण समय पर नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप हितग्राहियों को राशन लेने के लिए बार-बार दुकानों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
कई दुकानों में नहीं पहुंची शक्कर
भनपुरी, मंदिर हसौद और धरसींवा क्षेत्र की कई उचित मूल्य दुकानों में शक्कर का स्टॉक अब तक नहीं पहुंच पाया है। दरअसल चावल और शक्कर की सप्लाई अलग-अलग वाहनों से की जाती है। पहले चावल का भंडारण किया जाता है और उसके बाद शक्कर की सप्लाई होती है। लेकिन ट्रांसपोर्ट व्यवस्था कमजोर होने के कारण शक्कर पहुंचाने में देरी हो रही है।
इसी वजह से कई दुकानों में फिलहाल केवल चावल ही वितरित किया जा रहा है, जबकि शक्कर लेने के लिए हितग्राहियों को दोबारा आने के लिए कहा जा रहा है।
दुकानदारों को झेलनी पड़ रही नाराजगी
राशन की सप्लाई में देरी का असर दुकान संचालकों पर भी पड़ रहा है। स्टॉक नहीं होने के कारण हितग्राही नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और कई जगह विवाद की स्थिति भी बन रही है।
कुछ दुकानदारों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि यदि वे सप्लाई में देरी की शिकायत करते हैं तो कई बार उनके यहां राशन और देर से पहुंचता है। इस वजह से वे शिकायत करने से भी बचते हैं। मंदिर हसौद की प्रभारी संगीता ने भी पहले कई बार अधिकारियों को गाड़ियों की कमी के कारण राशन भंडारण प्रभावित होने की जानकारी दी है।
सुधार नहीं होने से बढ़ रही परेशानी
गोदाम प्रभारी का कहना है कि ट्रांसपोर्ट की कमी और सप्लाई में देरी की सूचना नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्ट एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ऐसे में अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो राशन वितरण व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है, जिससे हितग्राहियों और दुकानदारों दोनों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।