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छत्तीसगढ़ में बसों के लिए VLTD अनिवार्य: 15 दिन में नहीं लगाया ट्रैकिंग सिस्टम तो होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में बसों के लिए VLTD अनिवार्य: 15 दिन में नहीं लगाया ट्रैकिंग सिस्टम तो होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने यात्री सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए 15 दिनों के भीतर सभी बसों में यह डिवाइस स्थापित करने को कहा है। तय समयसीमा का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश

परिवहन सचिव एवं आयुक्त एस. प्रकाश ने इंद्रावती भवन स्थित परिवहन कार्यालय में बस ऑपरेटरों और अधिकृत VLTD वेंडरों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बसों में ट्रैकिंग डिवाइस की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि जिन बसों में अब तक डिवाइस नहीं लगी है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर इसे स्थापित किया जाए। वहीं, जिन वाहनों में तकनीकी कारणों से डिवाइस निष्क्रिय है, उसे भी तत्काल चालू कराया जाए।

प्रदेश की एक-तिहाई बसों में अब तक नहीं लगी डिवाइस

परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में 15 हजार से अधिक यात्री और स्कूल बसें पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 10 हजार बसों में ही VLTD सिस्टम सक्रिय है, जबकि करीब 5 हजार बसें अभी भी इस सुरक्षा व्यवस्था से बाहर हैं। विभाग ने पहले भी कई बार निर्देश जारी किए थे, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण अब अंतिम समयसीमा तय की गई है।

क्या है VLTD और क्यों है जरूरी?

VLTD एक सैटेलाइट आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली है, जो बस की रियल टाइम लोकेशन, स्पीड, तय मार्ग और ठहराव की जानकारी कंट्रोल सेंटर तक पहुंचाती है। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से भटकता है या किसी आपात स्थिति में फंसता है, तो इसकी सूचना तुरंत मिल जाती है। यात्री भी 'संगवारी' मोबाइल ऐप के माध्यम से बस की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस तकनीक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कंट्रोल सेंटर से होगी बसों की निगरानी

परिवहन विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय में स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सभी बसों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बसें निर्धारित रूट पर ही संचालित हों और नियमों का पालन करें।

ANPR कैमरे और ITMS सिस्टम भी होंगे सक्रिय

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने जानकारी दी कि प्रदेश के सभी जिलों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) स्थापित किए जा रहे हैं। इन आधुनिक प्रणालियों की मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की स्वतः पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।


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