मुकेश प्रजापति, भैरूंदा: वर्षा ऋतु के प्रारंभ होते ही सीहोर संभाग के जंगलों में झाड़ियों की कटाई कर वन भूमि को अवैध रूप से खेती योग्य बनाने वाले भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ वन विभाग का हंटर शुरू हो चुका है। वनमंडल अधिकारी अर्चना पटेल के निर्देशों पर गठित दल ने लाड़कुई वन परिक्षेत्र में घेराबंदी करते हुए अतिक्रमण के बड़े मंसूबों को मटियामेट कर दिया है।
खुफिया इनपुट पर धावा
लाड़कुई वन परिक्षेत्राधिकारी प्रकाश चंद्र उईके ने मानसून को देखते हुए पहले ही अतिसंवेदनशील वन क्षेत्रों को चिन्हांकित कर कड़ा पहरा लगा रखा था। 26 जून की सुबह करीब 6.38 बजे जैसे ही पिपलानी परिसर के कक्ष क्रमांक 369RF में अवैध हल चलने की सूचना मिली, वन अमला हरकत में आ गया।
लाल ट्रैक्टर और हल जब्त
दल प्रभारी ओम कुमार गोयल के हमराह बीट प्रभारी संजीत अहिरवार, संतोष वर्मा, प्रेम सागर बागवान और सुरक्षा बलों ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां पिछले साल बेदखल की गई जमीन पर ही एक शख्स लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर बिना रजिस्ट्रेशन नंबर, मॉडल क्रमांक 585DI XP Plus से अवैध जुताई कर रहा था।
वन अमले ने चारों तरफ से घेराबंदी कर जुताई कर रहे आरोपी जगदीश पिता नाहर सिंह निवासी सिराड़ी को दबोच लिया। जब आरोपी से वन भूमि पर खेती के वैध दस्तावेज मांगे गए, तो उसके पास कुछ नहीं मिला। वन विभाग ने तुरंत 0.337 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध जुताई करने के जुर्म में ट्रैक्टर-हल जब्त कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
9 अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले नयापुरा क्षेत्र में 9 अलग-अलग अतिक्रमणकारियों ने वन भूमि की पालवा सफाई कर फसल बो दी थी। वन अमले ने सूझबूझ दिखाते हुए उक्त भूमि पर पालतू मवेशी चरवाकर, सुरक्षा गड्ढे खुदवाकर और वृक्षों के बीच की गई अवैध बुवाई को नष्ट कर 10.125 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया था।
परिक्षेत्राधिकारी प्रकाश चंद्र उईके ने साफ चेतावनी दी है कि वन परिक्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध प्रतिक्रिया या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए विशेष दलों का गठन कर 24 घंटे गश्त और निगरानी की जा रही है। यह एंटी-माफिया मुहिम लगातार जारी रहेगी।