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शक्कर की बढ़ती कीमतों पर विकास उपाध्याय का अनोखा प्रदर्शन, डिब्बी में चीनी भरकर BJP नेताओं को भेजी

शक्कर की बढ़ती कीमतों पर विकास उपाध्याय का अनोखा प्रदर्शन, डिब्बी में चीनी भरकर BJP नेताओं को भेजी

रायपुर: त्योहारी सीजन में शक्कर की बढ़ती कीमतों को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने शक्कर को छोटी-छोटी डिब्बियों में भरकर भाजपा के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को डाक के जरिए भेजा। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने सरकार का ध्यान आम जनता पर बढ़ रहे महंगाई के बोझ की ओर आकर्षित करने की कोशिश की।

शक्कर की कीमत बढ़ने का लगाया आरोप

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि शक्कर के दाम में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। उनका दावा है कि जिस शक्कर की कीमत पहले करीब 32 रुपये प्रति किलो थी, वह अब बढ़कर करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य पकवानों में शक्कर का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे समय में इसकी कीमतों में इजाफा सीधे तौर पर लोगों की जेब पर असर डाल रहा है।

डिब्बी में शक्कर भरकर भेजा संदेश

पूर्व विधायक ने विरोध के लिए शक्कर को डिब्बियों में भरकर भाजपा के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को डाक से भेजा। इस अनोखे तरीके के जरिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों को बढ़ती कीमतों की ओर ध्यान देने और आम जनता को राहत देने की मांग की। विकास उपाध्याय ने कहा कि महंगाई के कारण त्योहारों का बजट बिगड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार को जनता की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

‘भाजपा सरकार ने त्योहारों की मिठास खत्म कर दी’

विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शक्कर की बढ़ती कीमतों ने त्योहारों की मिठास को फीका कर दिया है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशी और उत्सव का समय होते हैं, लेकिन जरूरी खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के चलते आम परिवारों के लिए त्योहार मनाना भी महंगा होता जा रहा है।

सरकार से राहत की मांग

पूर्व विधायक ने मांग की कि शक्कर समेत रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए। उनका कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ता है। इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए विकास उपाध्याय ने बढ़ती शक्कर की कीमतों को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है।


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