रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने INH News से एक्सक्लूसिव बातचीत में भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत उन्हें भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक कार्यकाल को केंद्र में रखते हुए भाजपा की ओर से चलाया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान में ओपी चौधरी को मिली जिम्मेदारी
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने INH News से बातचीत में कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत उनकी जिम्मेदारी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन में हर दायित्व को सभी कार्यकर्ता मिलकर निभाते हैं और इसी भावना के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के जरिए संगठन एक बार फिर सीधे जनता के बीच पहुंचेगा और अलग-अलग वर्गों से संवाद स्थापित करेगा।
युवा, महिला और समाज के अलग-अलग वर्गों से होगा संवाद
ओपी चौधरी के मुताबिक ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इसके तहत समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत और संवाद किया जाएगा। अभियान में खास तौर पर युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों तक पहुंचने की योजना है। इन वर्गों से संवाद कर उनकी अपेक्षाओं, विचारों और सुझावों को समझने का प्रयास किया जाएगा।
युवा और महिला केंद्रित होंगे कार्यक्रम
वित्त मंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान युवा केंद्रित और महिला केंद्रित कार्यक्रमों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा समाज के अन्य महत्वपूर्ण वर्गों को जोड़कर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनसे संवाद करना और उनके साथ जुड़ाव को और मजबूत करना है।
‘बीजेपी में हर दायित्व मिलकर निभाते हैं’
INH News से एक्सक्लूसिव बातचीत में ओपी चौधरी ने भाजपा संगठन की कार्यशैली पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता को जो दायित्व मिलता है, उसे सभी लोग मिलकर निभाते हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं और संगठन के स्तर पर जनता के साथ दोबारा सीधा संपर्क बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के कार्यकाल को लेकर अभियान
ओपी चौधरी ने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के कार्यकाल को केंद्र में रखकर चलाया जा रहा है। अभियान के जरिए संगठन अलग-अलग वर्गों तक पहुंचेगा और उनसे संवाद करेगा। अब देखना होगा कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में किस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और युवा, महिला, किसान, बुजुर्ग एवं सामाजिक संगठनों को किस तरह इससे जोड़ा जाता है।