Railway AI Technology: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बदलते समय के साथ अपनी कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक से मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में रायपुर रेल मंडल के पीपी यार्ड में एआई आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आधुनिक तकनीक मालगाड़ियों के डिब्बों में होने वाली टूट-फूट और अन्य खामियों की पहचान कुछ ही मिनटों में कर सटीक रिपोर्ट तैयार कर देती है।
मशीन लर्निंग से पहचानेंगी वैगनों की खामियां
यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक पर आधारित है। इसकी मदद से मालगाड़ी के वैगनों में मौजूद कई तरह की समस्याओं की पहचान अपने आप हो जाती है। इस तकनीक से दरवाजों का गायब होना, टूटे या क्षतिग्रस्त दरवाजे, रेजिडुअल कंसाइनमेंट (बचा हुआ माल), फर्श की शीट का न होना, बॉडी पैनल की कमी जैसी खराबियों का पता लगाया जा सकता है, जैसे ही कोई मालगाड़ी यार्ड में प्रवेश करती है और सिस्टम के पास से गुजरती है, यह तकनीक हर वैगन नंबर के साथ उसकी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर देती है।
हाई-डेफिनिशन कैमरों से होगी निगरानी
इस अत्याधुनिक सिस्टम में 6 हाई-डेफिनिशन कैमरे, विशेष लाइटिंग और एक समर्पित सर्वर रूम लगाया गया है। कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और सिग्नलों को सर्वर पर विश्लेषित किया जाता है, जिसके आधार पर हर वैगन की स्थिति का आकलन किया जाता है। एआई आधारित यह प्रणाली यार्ड में सामान्य जांच शुरू होने से पहले ही संभावित नुकसान की जानकारी उपलब्ध करा देती है। इससे निरीक्षण की प्रक्रिया तेज होती है और मरम्मत की योजना समय पर बनाना आसान हो जाता है।
सेल्फ-लर्निंग तकनीक से बढ़ेगी सटीकता
यह सिस्टम सेल्फ-लर्निंग एआई तकनीक पर आधारित है। यानी जैसे-जैसे इसमें डेटा जुड़ता जाएगा, इसकी पहचान क्षमता और सटीकता लगातार बेहतर होती जाएगी। सिस्टम पुराने डेटा का विश्लेषण कर खुद को और अधिक सक्षम बनाता है।
एआई से रेलवे के कार्यों में तेजी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के निर्देशन और प्रोत्साहन से जोन में आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। उनका लक्ष्य रेलवे सुरक्षा, परिचालन दक्षता और परिसंपत्तियों के रखरखाव को अधिक प्रभावी बनाना है। एआई आधारित यह पहल न केवल रेलवे सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि मालगाड़ियों की जांच और मरम्मत प्रक्रिया को भी पहले से अधिक तेज और प्रभावी बनाएगी।