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बिजली दरों में बढ़ोतरी पर फिलहाल ब्रेक: 6300 करोड़ घाटे पर अटका टैरिफ फैसला...

बिजली दरों में बढ़ोतरी पर फिलहाल ब्रेक: 6300 करोड़ घाटे पर अटका टैरिफ फैसला...

रायपुर: छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ती कीमतों को लेकर फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिली है। नए वित्तीय सत्र 2026-27 के लिए प्रस्तावित बिजली टैरिफ अभी तक लागू नहीं हो सका है, जिससे अप्रैल और मई महीने में लोगों को पुराने रेट पर ही बिजली मिल रही है। दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी द्वारा बिजली दरों में संशोधन के लिए लगाई गई याचिका पर बिजली नियामक आयोग पिछले ढाई महीने से मंथन कर रहा है। कंपनी ने करीब 6300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए नए टैरिफ की मांग की है, जिससे मामला जटिल हो गया है।

घाटे की गणित ने बढ़ाई चिंता

पॉवर कंपनी के मुताबिक, मौजूदा दरों के आधार पर करीब 26,216 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है, जबकि कुल खर्च 25,460 करोड़ रुपये बताया गया है। इससे करीब 756 करोड़ रुपये का लाभ बनता है। लेकिन कंपनी ने पिछले वर्षों के घाटे को जोड़ते हुए अतिरिक्त 6300 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है। ऐसे में कुल राजस्व आवश्यकता 32,500 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जिसके आधार पर नए टैरिफ तय करने की मांग की गई है।

20% तक बढ़ सकते हैं बिजली के दाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयोग इस घाटे का बड़ा हिस्सा स्वीकार कर लेता है, तो बिजली दरों में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले वर्ष केवल 500 करोड़ के घाटे को मान्यता देने पर ही लगभग 2 प्रतिशत दरें बढ़ाई गई थीं।

फैसला टलने से मिली अस्थायी राहत

फरवरी में जनसुनवाई के बाद से आयोग लगातार आंकड़ों की समीक्षा कर रहा है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से अप्रैल से लागू होने वाला नया टैरिफ मई में भी लागू नहीं हो पाया है। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकती। संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले महीनों में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

बिजली बिल में बढ़ोतरी से राहत

फिलहाल छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बढ़ोतरी से राहत जरूर मिली है, लेकिन पॉवर कंपनी के भारी घाटे और आयोग के फैसले के बाद आने वाले समय में महंगाई का करंट झटका दे सकता है।


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