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Labour Force में चमका छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय औसत से 10% आगे, महिलाओं ने भी बनाई पहचान...

Labour Force में चमका छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय औसत से 10% आगे, महिलाओं ने भी बनाई पहचान...

रायपुर: छत्तीसगढ़ ने श्रम बल सहभागिता दर (Labour Force Participation Rate) के मामले में देशभर में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी आर्थिक सक्रियता का मजबूत संकेत दिया है। हाल ही में जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की कुल श्रम भागीदारी दर 55.3 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 44.9 प्रतिशत से काफी अधिक है। इस सूची में छत्तीसगढ़ से आगे केवल सिक्किम (61.4%) और हिमाचल प्रदेश (58.7%) हैं, जबकि गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे बड़े औद्योगिक राज्य इससे पीछे रह गए हैं।

ग्रामीण महिलाओं ने बढ़ाई ताकत

छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा योगदान ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का है। राज्य के गांवों में महिलाओं की श्रम भागीदारी दर 51.4 प्रतिशत है, जो देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। यह दर्शाता है कि यहां महिलाएं न केवल घरेलू जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि खेती-किसानी और अन्य रोजगार गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

ग्रामीण vs शहरी: संतुलित भागीदारी

राज्य में श्रम भागीदारी केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी अच्छी स्थिति देखने को मिलती है।

श्रम भागीदारी का आंकड़ा (छत्तीसगढ़)

क्षेत्र    पुरुष (%)  महिला (%)  कुल (%)
ग्रामीण   64.6        51.4            58.0
शहरी     62.3        26.2             44.3
कुल       64.1       46.4              55.3

क्या होती है श्रम बल सहभागिता दर?

श्रम बल सहभागिता दर (LFPR) उस प्रतिशत को दर्शाती है, जिसमें लोग या तो काम कर रहे होते हैं या सक्रिय रूप से रोजगार की तलाश में होते हैं। यह किसी भी राज्य या देश की आर्थिक सक्रियता और रोजगार स्थिति का अहम संकेतक माना जाता है।

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का असर

छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां पुरुषों के साथ महिलाएं भी खेतों में बराबरी से काम करती हैं। यही कारण है कि यहां की श्रम भागीदारी दर लगातार मजबूत बनी हुई है।

अन्य राज्यों की स्थिति (LFPR)

सिक्किम – 61.4%
हिमाचल प्रदेश – 58.7%
छत्तीसगढ़ – 55.3%
नागालैंड – 54.9%
अरुणाचल प्रदेश – 53.0%
गुजरात – 50.6%
तमिलनाडु – 50.2%
कर्नाटक – 47.7%
केरल – 46.2%

महिलाओं भागीदारी सकारात्मक संकेत

छत्तीसगढ़ का यह प्रदर्शन न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यहां की बड़ी आबादी विकास प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रही है। खासतौर पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


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