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रायपुर में सेवा महाकुंभ का आयोजन, 3 हजार से ज्यादा लोगों ने किया रक्तदान; गोल्डन बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

रायपुर में सेवा महाकुंभ का आयोजन, 3 हजार से ज्यादा लोगों ने किया रक्तदान; गोल्डन बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत राजधानी रायपुर में सेवा और स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा आयोजन हुआ। विश्व आयुर्वेद दिवस के मौके पर इंडोर स्टेडियम में आयुर्वेद महासम्मेलन एवं सेवा महाकुंभ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान, देहदान संकल्प और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न सामाजिक गतिविधियां हुईं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में एक ही स्थान पर 3 हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। इस उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने का दावा किया गया।

एक जगह 3 हजार से ज्यादा लोगों ने किया रक्तदान

सेवा महाकुंभ में रक्तदान के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजकों के मुताबिक 3 हजार से अधिक लोगों ने एक ही स्थान पर रक्तदान किया। इस दौरान महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही और 1 हजार से अधिक महिलाओं ने रक्तदान में हिस्सा लिया। आयोजकों ने इस सामूहिक रक्तदान को सामाजिक सहभागिता और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

विधायक और कलेक्टर ने लिया देहदान का संकल्प

कार्यक्रम में रायपुर क्षेत्र के विधायक अनुज शर्मा और रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने अपनी-अपनी पत्नियों के साथ देहदान का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों को इस पहल के लिए सम्मानित किया। देहदान के जरिए चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में योगदान को लेकर लोगों को जागरूक करने का संदेश भी कार्यक्रम में दिया गया।

रक्तदान के साथ कई सामाजिक सेवाएं

सेवा महाकुंभ को सिर्फ स्वास्थ्य कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया। आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य जांच और अन्य सेवाओं की व्यवस्था भी की गई। इसके अलावा लोगों ने जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक पहुंचाने के लिए खिलौने और किताबें भी दान कीं। आयोजकों के अनुसार, जमा की गई सामग्री को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

CM साय ने बताया आयुर्वेद का महत्व

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में आयुर्वेद की परंपरा और भारतीय चिकित्सा पद्धति के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत में आयुर्वेद का इतिहास काफी पुराना है और देश के आयुर्वेदाचार्यों ने इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने आयुष पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए जनभागीदारी और सेवा भावना को जरूरी बताया।

आयुर्वेद के विस्तार पर स्वास्थ्य मंत्री ने रखी बात

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद और आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। मंत्री के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों के दौरान छह आयुर्वेदिक कॉलेज खोले गए हैं। इससे आयुर्वेद की शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलने की बात उन्होंने कही।

बस्तर में संस्थागत पहल की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर में आयुर्वेद के क्षेत्र में एक बड़ी संस्थागत पहल की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र में संस्थानों और शिक्षा के विस्तार के लिए केंद्र की योजनाओं के जरिए राज्यों को सहायता मिल रही है। रायपुर में आयोजित सेवा महाकुंभ के जरिए रक्तदान, देहदान और स्वास्थ्य जागरूकता को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई।


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