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CG News: टॉयलेट में बर्तन धोने का VIDEO वायरल, पापा ढाबा का लाइसेंस सस्पेंड

CG News: टॉयलेट में बर्तन धोने का VIDEO वायरल, पापा ढाबा का लाइसेंस सस्पेंड

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित पापा ढाबा का खाद्य लाइसेंस जेंट्स टॉयलेट में बर्तन धोने का वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मामले की जांच की, जिसमें वायरल वीडियो सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। विभाग ने ढाबा संचालक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

ग्राहक ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

जानकारी के अनुसार, पापा ढाबा में भोजन करने पहुंचे एक ग्राहक ने वहां कार्यरत कर्मचारी को जेंट्स टॉयलेट के अंदर कटोरी, प्लेट और अन्य बर्तन धोते हुए देखा। ग्राहक ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने ढाबे की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

जांच के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने ढाबे का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वायरल वीडियो की पुष्टि होने पर विभाग ने ढाबे का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग का कहना है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो खाद्य लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

ढाबा संचालक ने कहा- बदनाम करने की साजिश

पापा ढाबा के संचालक मुन्ना ठाकुर ने पूरे मामले को साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि जहां सामान्य रूप से बर्तन धोए जाते हैं, वहां निर्माण कार्य चल रहा था। इसी वजह से कुछ समय के लिए दूसरी जगह बर्तन साफ किए जा रहे थे। उसी दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

नगर पालिका अध्यक्ष के बयान से बढ़ी चर्चा

मामले में नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी कहा कि वायरल वीडियो ढाबे को बदनाम करने की नीयत से फैलाया गया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे ढाबा संचालक के समर्थन के रूप में देखा, जबकि कई लोगों ने इस पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए।

स्थानीय लोगों ने उठाई नियमित जांच की मांग

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिले के सभी ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंट की नियमित जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच होती रहती, तो इस तरह की लापरवाही सामने नहीं आती। बताया जा रहा है कि पापा ढाबा में आम लोगों के अलावा कई सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी भोजन करने आते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाता है।


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