हेमन्त गोस्वामी, ओरछा (निवाड़ी): मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा में स्थित ऐतिहासिक हरदौल बैठका के समीप अचानक भीषण आग लगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस दर्दनाक हादसे में चूड़ी, श्रृंगार और मनिहारी के सामान की 16 अस्थायी दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दुकानदारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और दुकानों के भीतर रखा लाखों रुपये का कीमती सामान देखते ही देखते मलबे और राख के ढेर में तब्दील हो गया।
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक, कलेक्टर
ऐतिहासिक और धार्मिक क्षेत्र में आगजनी की खबर फैलते ही प्रशासनिक और राजनीतिक अमले में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए निवाड़ी विधायक अनिल जैन, जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल दमकल वाहनों (फायर ब्रिगेड) के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रशासन और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों और ऐतिहासिक स्थलों को जद में आने से बचा लिया गया।
आग लगने की वजह संदिग्ध
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और मानवीय भूल अथवा शरारत थी। डबरा और आसपास की अन्य घटनाओं की तरह ही यहाँ भी पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आगजनी की असली वजह का खुलासा हो सके।
पीड़ित दुकानदारों को मिलेगी मदद
इस भीषण अग्निकांड ने गरीब और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। प्रभावित दुकानदारों को फौरी राहत देने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि ने मिलकर बड़ी संवेदनशीलता दिखाई है। जिला प्रशासन ने प्रत्येक प्रभावित और पीड़ित दुकानदार को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए 12,000 रुपये की सहायता राशि देने की आधिकारिक घोषणा की है। वही स्थानीय निवाड़ी विधायक अनिल जैन ने अपनी विधायक निधि से प्रत्येक पीड़ित को 5,000 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का बड़ा ऐलान किया है।