भोपाल : केंद्र सरकार द्वारा 2 हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लगाए जाने के विरोध में आज मध्य प्रदेश में नो-यूपीआई डे मनाया जा रहा है। जिसका असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित अन्य शहरों में भी देखने को मिला। जहां व्यापारी UPI स्कैनर और QR कोड को काले कपड़े से ढककर विरोध जाता रहे है। इतना ही नहीं व्यापारी 'यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो' के नारे भी लगाए।
UPI भुगतान नही किया गया स्वीकार
राजधानी भोपाल के चौक बाजार में विरोध कर रहे कुछ व्यापारियों ने आज UPI भुगतान स्वीकार नहीं करते हुए विरोध जताया । हालांकि, राजधानी में सभी व्यापारी इस अभियान के साथ नहीं हैं और कुछ दुकानदारों ने सामान्य रूप से UPI भुगतान जारी रखने का फैसला किया है।
'यूपीआई बंद करो के लगाए गए नारे
थोक किराना कारोबार से जुड़े व्यापारियों का दावा है कि उनके यहां बड़ी संख्या में लेनदेन 2,000 रुपये से अधिक के होते हैं। ऐसे में प्रस्तावित शुल्क को लेकर कारोबारियों में चिंता है। इसी के चलते व्यापारी सरकार से UPI पेमेंट को लेकर बनाए गए नए नियम को वापस लेने की मांग कर रहे है.
पेट्रोल पंपों पर भी विरोध की घोषणा
व्यापारी संगठनों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों का खर्च बढ़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सांकेतिक विरोध किया जा रहा है। पेट्रोल पंपों को लेकर भी व्यापारिक संगठनों ने 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर विरोध की घोषणा की है।
2 हजार से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR का विरोध
व्यापारियों का विरोध 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित MDR शुल्क को लेकर है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह का शुल्क लागू होने पर डिजिटल भुगतान की लागत बढ़ सकती है और इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा।