तखतपुर। तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में घोंघा नदी में हुए दर्दनाक हादसे में लापता तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। स्कूल से घर लौटते समय तीन मासूम बच्चे नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए थे। हादसे के बाद पुलिस, ग्रामीणों और SDRF की टीम ने लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। रविवार 23 अगस्त की सुबह SDRF की टीम ने करीब 6 बजे से नदी में दोबारा तलाश अभियान शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद 7 वर्षीय अनमोल जायसवाल का शव नदी में पुल के नीचे से बरामद किया गया। इससे पहले शनिवार 22 अगस्त को एक अन्य बच्चे के शव की बरामदगी हो चुकी थी। तीनों बच्चों के शव मिलने के बाद परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे समडील गांव में शोक की लहर है।
तेज बहाव में बह गए थे तीनों बच्चे
बताया गया कि तीनों बच्चे स्कूल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे घोंघा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की। बाद में SDRF की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया।
सुबह से SDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन
रविवार सुबह SDRF की टीम ने नदी में दोबारा व्यापक खोज अभियान शुरू किया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवान लगातार नदी में तलाश करते रहे। आखिरकार अनमोल का शव पुल के नीचे से बरामद किया गया।
बच्चों की मौत से परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
तीनों मासूमों की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन घरों में बच्चों की आवाज से रौनक रहती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। समडील गांव में भी गमगीन माहौल है और ग्रामीण इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
पुलिस ने शुरू की पंचनामा कार्रवाई
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे के बाद नदी में तेज बहाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
मृतक बच्चों की पहचान
मिली जानकारी के अनुसार मृत बच्चों में अनमोल जायसवाल, पिता भुनेश्वर जायसवाल, उम्र करीब 7 वर्ष; स्तुति, पिता भुनेश्वर जायसवाल; तथा रिद्धी और शिक्षा, पिता विजय जायसवाल, कक्षा 3 से संबंधित जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी में बच्चों की पहचान को लेकर कुछ विवरण अलग-अलग रूप में दर्ज हैं।
हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया
घोंघा नदी में हुए इस हादसे ने पूरे समडील गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। तीन मासूम जिंदगियों के असमय खत्म होने से गांव में हर तरफ शोक का माहौल है। घटना ने बारिश के मौसम में नदी-नालों के तेज बहाव के बीच बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी बढ़ा दी है।