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छत्तीसगढ़ में बारिश का डबल अटैक: बैगा दंपती की मौत, अगले 7 दिन बारिश भारी बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में बारिश का डबल अटैक: बैगा दंपती की मौत, अगले 7 दिन बारिश भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम सिस्टम बनने की संभावना है, जिसका असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल सकता है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। इसके बाद भी अगले दो दिनों तक कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों और एनीकट के आसपास रहने या उन्हें पार करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आकाशीय बिजली की चपेट में आया बैगा दंपती

इसी बीच रविवार को बारिश और तेज बहाव से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बैगा दंपती की मौत हो गई। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में कन्हार नदी के एनीकट को पार करने के दौरान एक युवक तेज बहाव में बह गया। युवक की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र के कटरा ढपनीपानी गांव में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बैगा दंपती की मौत हो गई। बताया गया कि मंगल सिंह अपनी पत्नी बिरस्पतिया बाई के साथ घर पर मौजूद थे। बारिश के दौरान तेज गड़गड़ाहट के बीच उनके मकान पर बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से दोनों आंगन में बेहोश हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल 108 संजीवनी एक्सप्रेस की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

कन्हार नदी में तेज बहाव के बीच बहा युवक

दूसरी घटना बलरामपुर जिले के रामानुजगंज की है। रविवार सुबह करीब 9 बजे एक युवक कन्हार नदी पर बने एनीकट को पार कर रहा था। उस समय एनीकट के ऊपर से पानी का तेज बहाव चल रहा था। जानकारी के मुताबिक युवक झारखंड के गोदरमाना से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा था। इसी दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गया। घटना के बाद उसकी तलाश की जा रही है।

रायपुर समेत कई इलाकों में बारिश

शनिवार को राजधानी रायपुर में सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हुई। बारिश के कारण सुंदरनगर क्षेत्र में महादेवघाट रोड पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली। 23 अगस्त को भी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ बारिश के कई दौर आने का अनुमान है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। प्रदेश में शनिवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।

रामचंद्रपुर में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान रामचंद्रपुर में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। पेंड्रा रोड और अंतागढ़ में 40-40 मिमी, जबकि रेंगाखार कला, पखांजूर और मरवाही में 30-30 मिमी बारिश हुई। सकौला, धनोरा, कोटाडोल, पोंडी बचरा और पौड़ी उपरोड़ा में 20-20 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पसान, कोरबा, पेंड्रा, फरसगांव, दुर्ग, औंधी और गंगालूर सहित कई इलाकों में करीब 10-10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

छत्तीसगढ़ में सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश

1 जून से 22 अगस्त तक प्रदेश में औसतन 778 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 844.8 मिमी माना जाता है। इस लिहाज से छत्तीसगढ़ में कुल बारिश सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम है। हालांकि जिलों के आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में बारिश की भारी कमी है, जबकि कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा हुई है।

सरगुजा और बेमेतरा में बारिश की बड़ी कमी

सरगुजा जिले में 22 अगस्त तक 502.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 872.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी यहां सामान्य से करीब 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बेमेतरा में 457.7 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 772 मिमी है। जिले में सामान्य से करीब 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इसी तरह कांकेर में 40 प्रतिशत, जशपुर में 34 प्रतिशत, बस्तर में 27 प्रतिशत, कोंडागांव में 23 प्रतिशत और सुकमा में 20 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।

इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रदेश की सबसे अधिक अतिरिक्त बारिश दर्ज हुई है। यहां 1017 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 673.7 मिमी मानी जाती है। इस तरह जिले में सामान्य से करीब 51 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। बलरामपुर में सामान्य से 43 प्रतिशत, मुंगेली में 32 प्रतिशत, महासमुंद में 23 प्रतिशत और बलौदाबाजार में 22 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानी

बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ के नीचे, नदी-नालों और एनीकट के आसपास जाने से बचना जरूरी है। तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
 


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