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एकलव्य विद्यालय की छात्राओं ने खोला मोर्चा, 20 KM पैदल चलकर कलेक्टर से मिलीं; व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

एकलव्य विद्यालय की छात्राओं ने खोला मोर्चा, 20 KM पैदल चलकर कलेक्टर से मिलीं; व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने स्कूल और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बतौली ब्लॉक के शिवपुर स्थित एकलव्य विद्यालय की 30 से अधिक छात्राएं सोमवार सुबह अपनी शिकायत लेकर अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय के लिए पैदल रवाना हो गईं। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और प्राचार्य के कथित व्यवहार को लेकर वे पहले भी अपनी शिकायतें जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा चुकी हैं। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से उन्होंने सीधे कलेक्टर से मुलाकात करने का निर्णय लिया।

अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की

छात्राओं के पैदल स्कूल से निकलने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर उन्हें रोकने के प्रयास शुरू किए गए। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए महिला शिक्षिकाएं उनके साथ चलने लगीं और उन्हें वापस विद्यालय लौटने के लिए समझाया। इसी दौरान सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास ललित शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

प्राचार्य पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी नहीं लौटीं

सहायक आयुक्त ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्हें यह भरोसा भी दिया गया कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्राचार्य को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, छात्राएं वापस जाने के लिए तैयार नहीं हुईं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी पूरी बात कलेक्टर के सामने ही रखना चाहती हैं।

लमगांव तक पैदल पहुंचीं छात्राएं

छात्राओं ने अपना सफर जारी रखा और करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर लमगांव पहुंचीं। इतनी दूरी पैदल तय करने के बाद प्रशासन की ओर से उनके लिए परिवहन की व्यवस्था की गई। सहायक आयुक्त ने तत्काल बस रुकवाकर छात्राओं को अंबिकापुर भेजने की व्यवस्था की। कुछ छात्राओं को अधिकारियों और निजी वाहनों के माध्यम से भी अंबिकापुर लाया गया।

कलेक्टर ने तत्काल सुनीं शिकायतें

अंबिकापुर कलेक्ट्रेट पहुंचने पर छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत से मिलने की मांग की। उस समय कलेक्टर सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ले रहे थे। छात्राओं की स्थिति और उनकी शिकायत की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने बैठक रोक दी। उन्होंने छात्राओं को सभाकक्ष में बुलाकर उनकी समस्याएं सीधे सुनीं। छात्राओं ने विद्यालय और छात्रावास से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें कलेक्टर के सामने रखीं। कलेक्टर ने छात्राओं की बात गंभीरता से सुनते हुए पूरे मामले की जांच कराने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

प्रबंधन ने छात्राओं के आरोपों पर दी अलग सफाई

मामले में विद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्राओं के विरोध को लेकर अलग पक्ष सामने आया है। प्रबंधन का कहना है कि छात्राओं को भड़काया गया है और प्राचार्य अपने कार्यों का संचालन नियमों के अनुसार कर रहे हैं। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्थिति स्पष्ट होगी कि छात्राओं की शिकायतों में कितनी सच्चाई है और विद्यालय प्रबंधन की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं।

पहले भी सामने आ चुके हैं विरोध के मामले

सरगुजा और आसपास के क्षेत्रों में एकलव्य आवासीय विद्यालयों को लेकर विद्यार्थियों की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। अंबिकापुर के घांघरी स्थित एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों तक पहुंच बनाई थी। बलरामपुर जिले के भेलवाडीह स्थित एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों के भी कई किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने पहुंचने का मामला सामने आ चुका है। शिवपुर की घटना के बाद एकलव्य विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं।


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