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सरपंचों ने CM साय को सौंपा 22 सूत्रीय मांग पत्र, मानदेय बढ़ाने से लेकर पंचायत अधिकारों तक उठाई आवाज

सरपंचों ने CM साय को सौंपा 22 सूत्रीय मांग पत्र, मानदेय बढ़ाने से लेकर पंचायत अधिकारों तक उठाई आवाज

रायपुर/धमतरी। कुरुद क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के विकास, पंचायतों को अधिक स्वावलंबी बनाने और सरपंचों के अधिकारों को मजबूत करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच महासंघ के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय पहुंचकर पंचायतों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर चर्चा की।

प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक के नेतृत्व में पहुंचे सरपंच महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें सरपंचों के मानदेय, सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों के साथ पंचायतों के कामकाज से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।

सरपंचों का मानदेय 15 हजार रुपये करने की मांग

महासंघ ने सरपंचों के वर्तमान मासिक मानदेय को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की मांग रखी है। इसके अलावा कार्यकाल के दौरान सरपंचों के लिए 1 करोड़ रुपये का दुर्घटना एवं जीवन बीमा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के संचालन में सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में उन्हें पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा मिलना जरूरी है।

पंचायतों को वित्तीय अधिकार देने की मांग

मांग पत्र में पंचायतों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। महासंघ ने 16वें वित्त आयोग की राशि जल्द जारी करने, प्रत्येक वर्ष ग्राम पंचायतों को 2 से 5 लाख रुपये की सरपंच निधि देने तथा 50 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों में ग्राम पंचायत को ही निर्माण एजेंसी बनाए जाने की मांग की। सरपंच महासंघ के मुताबिक पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य कराने के लिए अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार दिए जाने चाहिए।

GeM की बाध्यता खत्म करने समेत कई मांगें

पंचायतों की कार्यप्रणाली को सरल बनाने के लिए महासंघ ने GeM पोर्टल की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। इसके साथ ही नई SOR दरें लागू करने और मनरेगा के सामग्री मद में लंबित भुगतान का जल्द निपटारा करने की मांग की गई। महासंघ ने पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों के स्थानांतरण तथा अवकाश से जुड़े मामलों में भी सरपंच की सहमति को अनिवार्य करने की मांग रखी है।

पीएम आवास योजना में राशि बढ़ाने की मांग

ग्राम पंचायतों में आवास योजना से जुड़े मुद्दे भी मांग पत्र में शामिल रहे। महासंघ ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की मांग की। इसके अलावा ऐसे पात्र परिवार, जो अब तक योजना का लाभ लेने से छूट गए हैं, उनके लिए आवास प्लस का दोबारा सर्वे कराने की मांग भी की गई।

प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर पिंटू सिन्हा, संकेत अग्रवाल, लखन पटेल, टिकेश्वर साहू, प्रदेश महासचिव राजेश्वरी कैलाश आदिल, शत्रुघ्न चेलक, संरक्षक हरिशंकर साहू, धमतरी अध्यक्ष हिमांशु शेखर साहू और मीडिया प्रभारी तोरण दास मानिकपुरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने सुनीं सभी मांगें

प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महासंघ की ओर से रखी गई सभी 22 मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि महासंघ को उम्मीद है कि राज्य सरकार पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी। सरपंच महासंघ ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से ग्राम पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


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