रायपुर। रक्षाबंधन के खास मौके पर छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को देश के राष्ट्रपति भवन में अपनी प्रतिभा और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत प्रस्तुत करने का अनूठा अवसर मिला। प्रदेश के सात विद्यार्थियों और शिक्षकों के दल ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात की और संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धियों और छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं की जानकारी साझा की। इस मुलाकात का सबसे भावुक पल उस समय आया, जब राष्ट्रपति ने CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को अपने हाथों से राखी बांधी। राष्ट्रपति के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों को भावुक कर दिया। नुकेश के लिए यह अनुभव जीवनभर की याद बन गया।
राष्ट्रपति के सामने दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान
राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की छात्राओं ने पारंपरिक सुवा नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रदेश की लोक संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की। प्रस्तुति के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और लोक जीवन की विशेषताओं को प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रपति ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना की और छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की। विद्यार्थियों के लिए यह क्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
शिक्षा मंत्रालय के आयोजन के तहत राष्ट्रपति भवन पहुंचे विद्यार्थी
यह कार्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी पत्र के संदर्भ में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित किया गया था। 31 जुलाई 2026 के पत्र के आधार पर विद्यार्थियों और शिक्षकों के राष्ट्रपति भवन भ्रमण तथा राष्ट्रपति से मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। छत्तीसगढ़ से चयनित विद्यार्थियों ने इस अवसर पर न केवल राष्ट्रपति से मुलाकात की, बल्कि विभिन्न शैक्षणिक और प्रेरणादायी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।
इन सात विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
राष्ट्रपति भवन पहुंचे छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विद्यार्थी शामिल रहे। इनमें राजवती पोयाम नारायणपुर, हिमांशु ठाकुर सुकमा, पायल राजानी दुर्ग, रागनी साहू महासमुंद, नुकेश कुमार वर्मा रायपुर, दुर्गेश साहू महासमुंद, डिगेश सेन महासमुंद में शामिल है, विद्यार्थियों के साथ डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर और चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता भौतिकी, शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी मौजूद रहे।
मिशन शक्तिसैट और एक्सपोजर विजिट से मिला नया अनुभव
राष्ट्रपति भवन की यात्रा के अलावा विद्यार्थियों ने मिशन शक्तिसैट और एक्सपोजर विजिट से संबंधित कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को राजधानी दिल्ली में विभिन्न शैक्षणिक और प्रेरणादायी अनुभव हासिल करने का मौका दिया। राष्ट्रीय स्तर के इन कार्यक्रमों में सहभागिता से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई और उन्हें भविष्य के लिए नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
अब मुख्यमंत्री से मुलाकात की इच्छा
राष्ट्रपति भवन में मिले सम्मान और अनुभव से उत्साहित विद्यार्थियों की अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा है। बच्चों ने दुर्ग सांसद विजय बघेल के माध्यम से मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आग्रह किया है। विद्यार्थियों की इच्छा है कि वे मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर राष्ट्रपति भवन में बिताए गए अपने अनुभव साझा करें और उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त करें।
राष्ट्रपति से मुलाकात बनी जीवनभर की याद
छत्तीसगढ़ के इन विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रपति भवन का दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रेरणा और गौरव से जुड़ा अनुभव रहा। एक ओर जहां विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाई, वहीं दूसरी ओर सुवा नृत्य के जरिए छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के समक्ष प्रस्तुत किया। विशेष रूप से CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को राष्ट्रपति द्वारा राखी बांधा जाना इस पूरे आयोजन का सबसे यादगार और भावनात्मक क्षण रहा। अब विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उन्हें मुख्यमंत्री से भी प्रत्यक्ष मुलाकात का अवसर मिलेगा।