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रायपुर में शक्कर की कीमतों का अजीब खेल, थोक भाव घटा लेकिन चिल्हर रेट जस का तस

रायपुर में शक्कर की कीमतों का अजीब खेल, थोक भाव घटा लेकिन चिल्हर रेट जस का तस

रायपुर। शक्कर की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए थोक बाजार से राहत की खबर सामने आई है। राजधानी रायपुर के डूमरतराई स्थित थोक बाजार में शक्कर की कीमत तेजी से घटकर करीब 46 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। हालांकि, इस गिरावट का फायदा फिलहाल आम उपभोक्ताओं को चिल्हर बाजार में नहीं मिल रहा है। शहर की कई दुकानों पर अब भी शक्कर 60 से 65 रुपये किलो तक बेची जा रही है। पिछले कुछ समय में शक्कर की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर असर डाला था। एक समय इसकी कीमत 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से स्थिति पर संज्ञान लेते हुए आपूर्ति सामान्य करने के लिए कदम उठाए गए। कच्चे माल के आयात के फैसले के बाद बाजार में शक्कर की उपलब्धता बढ़ी और थोक कीमतों में गिरावट शुरू हुई।

थोक में 46 रुपये, फिर चिल्हर में इतनी महंगी क्यों?

डूमरतराई थोक बाजार में कीमत कम होने के बावजूद चिल्हर बाजार में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। दुकानदारों का तर्क है कि उन्होंने पुरानी शक्कर महंगे भाव पर खरीदी है। ऐसे में पुराने स्टॉक को कम कीमत पर बेचने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। कुछ कारोबारियों के मुताबिक 55 रुपये किलो के आसपास खरीदी गई शक्कर 60 रुपये में बेची जा रही है, जबकि करीब 60 रुपये में खरीदा गया माल 65 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं, बाजार के जानकारों का आरोप है कि महंगे पुराने स्टॉक की मात्रा सीमित होने के बावजूद कुछ चिल्हर कारोबारी नए कम कीमत वाले माल को भी अधिक दाम पर बेच रहे हैं।

जून में 40 रुपये से कम, अगस्त में 70 रुपये तक पहुंचा भाव

शक्कर की कीमतों में तेजी का सिलसिला जुलाई से शुरू हुआ। जून के अंतिम दिनों में थोक बाजार में शक्कर करीब 38 रुपये किलो, जबकि चिल्हर में लगभग 40 रुपये किलो थी। जुलाई की शुरुआत में थोक भाव बढ़कर 39 से 42 रुपये और चिल्हर भाव करीब 45 रुपये किलो हो गया। अगस्त की शुरुआत में थोक कीमत 48 रुपये और चिल्हर कीमत लगभग 50 रुपये किलो तक पहुंची। इसके बाद कीमतों में तेजी और बढ़ी और अगस्त के दौरान थोक भाव करीब 65 रुपये तथा चिल्हर भाव 70 रुपये किलो तक पहुंच गया।

सरकारी कदम के बाद सुधरी आपूर्ति

शक्कर के दाम में अप्रत्याशित तेजी के बाद केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। आपूर्ति बढ़ाने के लिए कच्चे माल के आयात का फैसला किए जाने के बाद बाजार में उपलब्धता में सुधार आने लगा। इसका असर अब थोक कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। डूमरतराई के थोक बाजार में पिछले करीब एक सप्ताह से शक्कर के भाव लगातार कम बने हुए हैं और अब कीमत 46 रुपये किलो के आसपास आ गई है।

ऑनलाइन बाजार में भी कीमत 59-60 रुपये के करीब

थोक बाजार में गिरावट के बावजूद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शक्कर अभी करीब 59 से 60 रुपये किलो की कीमत में उपलब्ध बताई जा रही है। ऐसे में थोक और चिल्हर कीमतों के बीच बड़ा अंतर उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे महंगा पुराना स्टॉक खत्म होगा और कम कीमत पर खरीदा गया नया स्टॉक चिल्हर बाजार में पहुंचेगा, वैसे-वैसे उपभोक्ताओं को भी कीमत में राहत मिलने की उम्मीद है।

थोक बाजार अध्यक्ष बोले- आवक बढ़ी, दाम लगातार नीचे आ रहे

डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष प्रेम पाहूजा के अनुसार, बाजार में शक्कर की आवक अब पर्याप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से थोक बाजार में शक्कर का भाव करीब 46 रुपये किलो बना हुआ है और कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है।


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