रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में प्रश्नपत्र लीक होने के बाद स्थगित की गई परीक्षाओं का नया कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा रद्द की गई तीन परीक्षाएं अब 7, 8 और 9 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएंगी। लगातार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब संबंधित कॉलेजों को प्रश्नपत्र पारंपरिक पैकेट के जरिए भेजने के बजाय पासवर्ड से सुरक्षित ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले प्रश्नपत्र खोलने के लिए आवश्यक पासवर्ड कॉलेज प्रबंधन को दिया जाएगा।
पासवर्ड के बिना नहीं खुल सकेगा प्रश्नपत्र
नई व्यवस्था के तहत कॉलेजों को भेजे जाने वाले ई-मेल में प्रश्नपत्र पासवर्ड प्रोटेक्शन के साथ रहेगा। निर्धारित समय से पहले प्रश्नपत्र को खोलना संभव नहीं होगा। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले विश्वविद्यालय की ओर से पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया भी पूरी तरह निगरानी में होगी। इसके लिए कमेटी की मौजूदगी अनिवार्य की गई है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद प्रक्रिया से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी जाएगी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रश्नपत्र को परीक्षा शुरू होने से पहले सार्वजनिक होने से रोकना और वितरण प्रक्रिया में सुरक्षा की अतिरिक्त परत जोड़ना है।
तीन विषयों के पेपर हुए थे लीक
पेपर लीक का मामला पिछले महीने दुर्ग स्थित एक निजी कॉलेज से सामने आया था। शुरुआती जांच में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने की जानकारी मिली थी। जांच आगे बढ़ने पर दो और प्रश्नपत्रों के लीक होने का मामला सामने आया। इनमें बीएससी प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी तथा प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के प्रश्नपत्र शामिल बताए गए। तीनों प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही व्हाट्सऐप के जरिए प्रसारित हो गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। मामले की जांच के दौरान एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर और कुछ विद्यार्थियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी।
परीक्षा सिस्टम की सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार तीन प्रश्नपत्रों के लीक होने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। खासतौर पर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, उन्हें कॉलेजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया और परीक्षा से पहले उनकी सुरक्षा को लेकर व्यवस्था पर सवाल उठे। अब ई-मेल और पासवर्ड आधारित नई व्यवस्था लागू कर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र वितरण की प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित करने का प्रयास किया है। इसके साथ ही प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया को रिकॉर्ड करने का फैसला भी लिया गया है।
कार्रवाई को लेकर भी उठ रहे सवाल
पेपर लीक प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दो महिला ऑब्जर्वर को निलंबित किया गया था। इसके अलावा स्नातक स्तर के परीक्षा प्रभारी को भी जिम्मेदारी से हटाया गया। हालांकि, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और वितरण से जुड़े विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में नई परीक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर भी निगाह रहेगी।