सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद प्रशासन और सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को बेहद गंभीर और दुखद बताते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए इलाके की 7 शराब दुकानों को सील कर दिया है। इन दुकानों से शराब के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि संदिग्ध शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।
CM मोहन यादव ने दिए तत्काल जांच के निर्देश
सागर जिले में सामने आई मौतों की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवैध गतिविधि सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लेने के साथ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
डिप्टी CM जगदीश देवड़ा ने भी ली मामले की जानकारी
उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर प्रभावित क्षेत्र में जांच और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। डिप्टी CM ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि शराब सेवन के बाद हुई मौतों का मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन 7 शराब दुकानों पर प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र की सात शराब दुकानों को सील किया है। इनमें बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा शामिल हैं, इन सभी स्थानों से शराब के सैंपल एकत्र किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े लोगों की तलाश भी की जा रही है।
ललितपुर से नकली शराब आने की आशंका
प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सागर के सीमावर्ती इलाकों तक कथित नकली शराब पहुंचाए जाने का एंगल सामने आया है। हालांकि इस पूरे नेटवर्क की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नकली शराब की सप्लाई किन रास्तों से हुई और इसमें स्थानीय स्तर पर किन लोगों की भूमिका रही। प्रारंभिक जानकारी में नकली रैपर, ढक्कन और QR कोड के जरिए कथित नकली शराब को असली ब्रांड जैसा दिखाकर सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस सागर के बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज समेत अन्य इलाकों में भी कथित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
अस्पतालों में मरीजों के इलाज पर निगरानी
घटना के बाद प्रशासन ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार को प्राथमिकता दी है। सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों और अस्पतालों का दौरा किया। अधिकारियों ने चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और जरूरत के अनुसार बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर प्रशासन ने उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिलाया।
शराब पीने के बाद ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं
प्रशासन ने लोगों से संदिग्ध या अवैध शराब से पूरी तरह दूरी बनाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार शराब पीने के बाद यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, सिरदर्द, बुखार, बेचैनी या धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानी हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण सामने आने पर व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। प्रशासन ने लोगों से संदिग्ध शराब की बिक्री या सप्लाई से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर पुलिस अथवा प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
जांच के बाद साफ होगी मौतों की असली वजह
फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सील की गई शराब दुकानों से लिए गए सैंपल की जांच और कथित अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी। सरकार ने संकेत दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।