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छत्तीसगढ़ में TET शिक्षकों का बड़ा आंदोलन: लंबित पदोन्नति को लेकर तुता मैदान में गरजे शिक्षक

छत्तीसगढ़ में TET शिक्षकों का बड़ा आंदोलन: लंबित पदोन्नति को लेकर तुता मैदान में गरजे शिक्षक

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षक पदोन्नति का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। TET उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपनी लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर राजधानी रायपुर के तुता मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों ने ‘TET आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’ के जरिए सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि पात्रता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। उनका आग्रह है कि पदोन्नति की प्रक्रिया शासन के राजपत्र में निर्धारित प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पूरी की जाए।

TET पास शिक्षकों ने उठाई पदोन्नति की मांग

तुता मैदान में जुटे शिक्षकों ने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए योग्य एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की आवश्यकता है। उनके मुताबिक TET जैसी पात्रता पूरी करने वाले शिक्षकों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर पदोन्नति का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षकों का तर्क है कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया में निर्धारित पात्रता नियमों का पालन किया जाता है, तो स्कूलों में विषय के अनुरूप योग्य शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।

बिना TET पदोन्नति को लेकर जताई आपत्ति

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने बिना TET योग्यता वाले शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन के प्रांताध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में भी इससे संबंधित प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी से TET उत्तीर्ण शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है।

वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग

शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि पदोन्नति के लिए जरूरी शैक्षणिक, व्यावसायिक और शिक्षक पात्रता मानकों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द वरिष्ठता सूची जारी की जाए। इसके बाद पात्र शिक्षकों के पदोन्नति आदेश भी बिना अनावश्यक देरी के जारी करने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति में देरी से बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेते हुए लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

न्याय सत्याग्रह में शामिल शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन केवल पदोन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। उनका कहना है कि योग्य और अनुभवी शिक्षकों को उचित जिम्मेदारी मिलने से विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षकों ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमों के अनुरूप पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।


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