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पंचायत से PMO तक स्मार्ट कनेक्टिविटी, धमतरी की 370 पंचायतों तक एक साथ पहुंच रही योजनाओं की जानकारी

पंचायत से PMO तक स्मार्ट कनेक्टिविटी, धमतरी की 370 पंचायतों तक एक साथ पहुंच रही योजनाओं की जानकारी

सौम्या यादव // धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सरकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचाने के लिए तकनीक का नया इस्तेमाल किया जा रहा है। जिला पंचायत ने जिले की 370 ग्राम पंचायतों को स्मार्ट कनेक्टिविटी से जोड़कर बैठकों, प्रशिक्षण और जरूरी दस्तावेजों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को आसान बनाया है।

खास बात यह है कि जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की चुनौतियों के बावजूद तकनीक के जरिए पंचायत स्तर तक सूचनाएं पहुंचाई जा रही हैं। इससे अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच संवाद तेज हुआ है और कई कामों में समय, संसाधन और खर्च की बचत हो रही है।

2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में ग्रामीण कनेक्टिविटी अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

लेकिन दूरदराज के गांवों तक योजनाओं से संबंधित जानकारी, जरूरी दस्तावेज और प्रशिक्षण सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। धमतरी में इसी समस्या से निपटने के लिए जिला पंचायत स्तर पर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

एक साथ 370 पंचायतों से जुड़ रही जिला पंचायत

धमतरी जिला पंचायत से जिले की सभी 370 पंचायतों को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इसके जरिए अधिकारियों द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के साथ ऑनलाइन बैठकें की जाती हैं।

जरूरी निर्देश और जानकारी साझा करने के साथ ही दस्तावेजों को भी डिजिटल माध्यम से तुरंत ट्रांसफर किया जा सकता है। इससे अधिकारियों को अलग-अलग पंचायतों तक पहुंचने में लगने वाला समय कम हो रहा है।

खासकर टाइगर रिजर्व और पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास बसे गांवों तक पहुंचने में आने वाली भौगोलिक चुनौतियों के बीच यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो रही है।

स्मार्टफोन ने आसान किया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का काम

इस पूरी व्यवस्था में स्मार्टफोन की भूमिका भी अहम है। पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या डेटा ट्रांसफर के लिए डेस्कटॉप या कंप्यूटर सिस्टम की जरूरत होती थी। इसके संचालन के लिए कर्मचारियों को अलग से प्रशिक्षण देना पड़ता था और कई जगह ऑपरेटर की आवश्यकता भी होती थी।

स्मार्टफोन आधारित व्यवस्था ने इस प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है। पंचायत स्तर पर उपलब्ध मोबाइल के जरिए वीडियो मीटिंग और जरूरी डेटा शेयरिंग का काम किया जा सकता है।

समय और संसाधनों की हो रही बचत

डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए जिला पंचायत और पंचायतों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज होने से प्रशासनिक कामकाज में समय की बचत हो रही है। अधिकारियों को छोटी-छोटी बैठकों या निर्देशों के लिए अलग-अलग पंचायतों का दौरा करने की जरूरत कम पड़ रही है।

इसके साथ ही यात्रा, उपकरण और ऑपरेटर से जुड़े खर्च में भी कमी आने की संभावना है। इस तरह तकनीक ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण को अंतिम स्तर तक पहुंचाने में एक माध्यम के रूप में काम कर रही है।

दूरस्थ गांवों के लिए तकनीक बनी कड़ी

धमतरी जैसे जिले में, जहां कुछ पंचायतें वन और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं, डिजिटल कनेक्टिविटी प्रशासन और ग्रामीण स्तर के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है।

जिला पंचायत की यह पहल यह दिखाती है कि स्मार्टफोन और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल सिर्फ व्यक्तिगत संचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण और पंचायत स्तर के प्रशासन में भी प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।


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