राजेश सोनी, डबरा : डबरा के प्राचीन सिद्धपीठ धूमेश्वर धाम से उज्जैन महाकाल तक करीब 460 किलोमीटर लंबी पदयात्रा गुरुवार सुबह शुरू हो गई है। यह यात्रा विश्व शांति, जनकल्याण और सनातन समाज में एकता का संदेश देने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।
महामंडलेश्वर के सानिध्य में शुभारंभ
पदयात्रा का शुभारंभ सुबह 8 बजे धूमेश्वर धाम में पूजा-अर्चना के बाद हुआ। इस मौके पर पर अनिरुद्ध वन महाराज की उपस्थिति में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों के साथ यात्रा की शुरुआत की।
महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज ने बताया कि यह पदयात्रा श्रद्धा, साधना और समर्पण का प्रतीक है। इसका उद्देश्य सनातन हिंदू समाज को जागृत करना, समाज को एकता के सूत्र में जोड़ना और विश्व शांति की कामना करना है।
कई जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा
यह पदयात्रा धूमेश्वर धाम से शुरू होकर कई गांवों और शहरों से होकर गुजरेगी। यात्रा का मार्ग झाऊ-खडीचा, सांखनी, बसई, चक मियापुर, बनियानी, हथेड़ा, फूलपुर कांकर, इमलिया, मंगरौनी, नरवर, झरना सरकार, शिवपुरी, कोलारस, बदरवास, गुना, राघोगढ़, चाचौड़ा, ब्यावरा, पचोर, सारंगपुर, शाजापुर और मक्सी होते हुए 24 मार्च को उज्जैन पहुंचेगी।
महाकाल मंदिर में होगा समापन
यात्रा के समापन पर श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर विश्व शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज ने क्षेत्र के सभी भक्तों से अपील की है कि वे पदयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।