छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक ढांचे को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों और प्रभारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान कार्यकारिणी गठन की धीमी गति को लेकर नाराजगी भी जाहिर की गई और सभी जिलों को तय समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशों के तहत जिलाध्यक्षों को दिए गए कार्यों की समीक्षा की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों और प्रभारियों से सीधे संवाद कर उनकी प्रगति की जानकारी ली गई।
उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना और जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत बनाना है।
बूथ और गांव स्तर पर फोकस
बैठक में बूथ कमेटी और गांव (विलेज) कमेटी के गठन को लेकर विशेष चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करना बेहद जरूरी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे जल्द से जल्द बूथ और गांव स्तर की समितियों का गठन पूरा करें।
15 अप्रैल तक दिया गया अल्टीमेटम
बैठक में सभी जिलाध्यक्षों को 15 अप्रैल तक संगठनात्मक कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। यह भी कहा गया कि तय समय-सीमा के बाद नए टास्क दिए जाएंगे और काम की समीक्षा जारी रहेगी।
सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों में काम की धीमी प्रगति को लेकर असंतोष भी जताया गया, जिससे यह साफ है कि पार्टी अब संगठनात्मक मामलों में सख्ती बरतने के मूड में है।
रणनीति पर भी हुई चर्चा
इस बैठक में सिर्फ संगठनात्मक ढांचे पर ही नहीं, बल्कि आने वाले समय की रणनीति पर भी चर्चा की गई। पार्टी आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।