ओरछा (निवाड़ी): खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, इस बात को चरितार्थ किया है ओरछा निवासी समाजसेवी विनय तिवारी ने। उन्होंने अपने जन्मदिन को केक काटने या तामझाम वाली पार्टियों में बर्बाद करने के बजाय, जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें बेहतर माहौल देने के लिए समर्पित किया। उनके इस कदम की पूरे जिले में सराहना हो रही है।
स्कूल को दिए 16 सीलिंग फैन
बढ़ती गर्मी को देखते हुए विनय तिवारी ने स्थानीय स्कूल के बच्चों की परेशानी को समझा और स्कूल परिसर के लिए 16 सीलिंग फैन (छत के पंखे) भेंट किए। अब तक उमस और गर्मी के बीच पढ़ने को मजबूर बच्चों को इस पहल से बड़ी राहत मिलेगी। पंखे लगने के बाद बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान दिखी, वही विनय तिवारी के लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार रही।
बांटी पाठ्य सामग्री
पंखों के साथ-साथ विनय तिवारी ने बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए उन्हें कॉपी, किताबें और पेन भी वितरित किए। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनसे बातचीत की। उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया और उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
"जश्न ऐसा, जिससे समाज का भला हो"
हर साल अपने जन्मदिन को सेवा के रूप में मनाने वाले विनय तिवारी का कहना है कि, "जन्मदिन जैसे खास मौके पर अगर हम किसी के जीवन में खुशी ला सकें, तो इससे बड़ा जश्न कोई नहीं हो सकता। बच्चों की शिक्षा में छोटा सा सहयोग देना ही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि व्यक्तिगत खुशी के बजाय कुछ ऐसा किया जाए जिससे समाज को फायदा हो।"
समाज के लिए एक संदेश
विनय तिवारी की यह पहल उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो फिजूलखर्ची में विश्वास रखते हैं। ओरछा के ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने इस नेक कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। यह पहल संदेश देती है कि समाज का हर समर्थ व्यक्ति अगर शिक्षा के क्षेत्र में थोड़ा सा भी योगदान दे, तो कई मासूमों का भविष्य संवर सकता है।