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Chhattisgarh Liquor Scam: EOW की नई कार्रवाई, तीन आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान पेश

Chhattisgarh Liquor Scam: EOW की नई कार्रवाई, तीन आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान पेश

छत्तीसगढ़ के चर्चित Chhattisgarh Liquor Scam मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और अहम कदम उठाया है। एजेंसी ने बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में तीन गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नवम पूरक चालान प्रस्तुत किया है। इस कार्रवाई के बाद Chhattisgarh Liquor Scam की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है और मामले की परतें लगातार खुलती जा रही हैं।

इस पूरक चालान में जिन तीन आरोपियों के नाम शामिल हैं, उनमें सौम्या चौरसिया, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव (केके श्रीवास्तव) और देवेन्द्र डडसेना प्रमुख हैं। EOW की जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इनकी भूमिका को इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण माना गया है।

अवैध धन के ट्रांजिट में डडसेना की भूमिका

जांच एजेंसी के अनुसार, देवेन्द्र डडसेना ने अवैध रूप से जुटाई गई रकम के लेन-देन में अहम भूमिका निभाई। वह पहले राजीव भवन में एकाउंटेंट के तौर पर कार्यरत था और उसके माध्यम से कथित तौर पर घोटाले से जुड़े धन को सुरक्षित रखना और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना संभव हुआ।

EOW के मुताबिक, डडसेना न केवल धन के भंडारण में शामिल था, बल्कि निर्देश मिलने पर उसे आगे ट्रांसफर करने का काम भी करता था, जिससे वह इस संगठित नेटवर्क का एक सक्रिय सदस्य माना जा रहा है।

केके श्रीवास्तव पर धन प्रबंधन के आरोप

Chhattisgarh Liquor Scam में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव की भूमिका भी जांच के दायरे में रही है। आरोप है कि उन्होंने अवैध नकद राशि के उठाव, परिवहन और उसके प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी निभाई।

इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस धन को विभिन्न माध्यमों से खपाने और निवेश करने में सहयोग किया। इस तरह वे इस आर्थिक अपराध की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरे हैं।

सौम्या चौरसिया पर पद के दुरुपयोग के आरोप

पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। EOW के अनुसार, उन्होंने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए इस कथित सिंडिकेट को संरक्षण और प्रशासनिक सहायता प्रदान की।

जांच में यह भी कहा गया है कि उन्होंने समन्वय और फैसिलिटेशन के जरिए इस पूरे सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में भूमिका निभाई, जिससे शासन के राजस्व को नुकसान हुआ और अवैध लाभ अर्जित किया गया।

51 आरोपियों तक पहुंची जांच

इस पूरे मामले में अब तक कुल 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया जा चुका है। यह संख्या इस बात का संकेत देती है कि Chhattisgarh Liquor Scam एक बड़े स्तर का संगठित आर्थिक अपराध है, जिसमें कई लोग और संस्थाएं शामिल रही हैं।EOW की टीम लगातार अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है और इस मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

जांच अभी जारी, और खुलासों की संभावना

जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और कई पहलुओं की जांच बाकी है। शासकीय, अशासकीय और राजनीतिक व्यक्तियों के साथ-साथ संबंधित कंपनियों और फर्मों की भी भूमिका खंगाली जा रही है।

 

 


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