उज्जैन : मध्य प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन की मौत से शोक की लहर दौड़ गई है। पारस जैन लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। जिनका इलाज इंदौर के एक निजी अस्पताल में जारी था। पारस जैन के निधन पर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने जहां शोक व्यक्त किया। तो वही पारस जैन की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सीएम मोहन उज्जैन पहुंचे और पूर्व मंत्री को श्रदांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया
सीएम मोहन यादव ने पारस जैन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक पारस चंद्र जैन के निधन का समाचार सुनकर मन दुखी है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।'
महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली
पारस जैन मध्यप्रदेश के चर्चित नेताओं में से एक थे। उन्होंने 2005 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, वन, ऊर्जा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी संभाली। जैन साल 2018 तक मंत्री रहे। साथ ही छह बार मध्यप्रदेश के उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए ।
छात्र राजनीति से की राजनीतिक सफर की शुरुआत
पारस चंद्र जैन की राजनीतिक सफर छात्र राजनीति ABVP संगठन से शुरू हुआ. साथ में आरएसएस, स्काउट गाइड में शामिल रहे. उनकी शिक्षा उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से रही. एक सक्रीय कार्यकर्ता की भूमिका ने उन्हें 1990 में पहला विधानसभा चुनाव जितवाया और वह उज्जैन उत्तर से भाजपा के विधायक रहे. कांग्रेस के कार्यकाल में भी पारस जैन ने विधायक की भूमिका में रहे।