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खाद्य आयोग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 85% राशन दुकानों में वैज्ञानिक भंडारण का अभाव

खाद्य आयोग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 85% राशन दुकानों में वैज्ञानिक भंडारण का अभाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित उचित मूल्य दुकानों की कार्यप्रणाली पर राज्य खाद्य आयोग की ताजा रिपोर्ट ने कई अहम सवाल खड़े किए हैं। निरीक्षण में खाद्यान्न की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई, लेकिन भंडारण व्यवस्था, स्टॉक प्रबंधन, तौल और पारदर्शिता से जुड़े कई मामलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में दुकानों में वैज्ञानिक तरीके से खाद्यान्न का भंडारण नहीं किया जा रहा है, जिससे अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

85 प्रतिशत दुकानों में नहीं मिला वैज्ञानिक भंडारण

राज्य खाद्य आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक निरीक्षण की गई 47 राशन दुकानों में से केवल 7 (15%) दुकानों में ही खाद्यान्न का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से भंडारण पाया गया। वहीं 40 (85%) दुकानों में अनाज को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रखा गया। इससे खाद्यान्न खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

ई-पास रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में मिला अंतर

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 34 (72%) दुकानों में ई-पास मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक खाद्यान्न का मिलान सही था। हालांकि 13 (28%) दुकानों में रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया, जिसे आयोग ने गंभीर अनियमितता माना है।

कई दुकानों में समय पर नहीं मिल रहा राशन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र हितग्राहियों को हर महीने समय पर राशन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। निरीक्षण में 40 (85%) दुकानों में समय पर वितरण की व्यवस्था संतोषजनक मिली, जबकि 7 (15%) दुकानों में राशन वितरण में देरी की शिकायतें सामने आईं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।

जरूरी जानकारी प्रदर्शित करने में भी लापरवाही

राशन दुकानों में स्टॉक, दर सूची, शिकायत नंबर और अन्य आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित करना अनिवार्य है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार केवल 28 (60%) दुकानों में सभी जरूरी जानकारियां बोर्ड पर प्रदर्शित थीं। वहीं 19 (40%) दुकानों में सूचना प्रदर्शन अधूरा या अनुपस्थित मिला।

समय पर भंडारण और दुकान संचालन में भी खामियां

रिपोर्ट के अनुसार 37 (79%) दुकानों में हर महीने समय पर खाद्यान्न का भंडारण किया गया, जबकि 10 दुकानों में भंडारण में देरी दर्ज की गई। इसके अलावा केवल 35 (74%) दुकानें निर्धारित समय पर खुलती मिलीं, जबकि 12 (26%) दुकानों में संचालन समय का पालन नहीं किया जा रहा था।

तौल में भी मिली गड़बड़ी

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर राशन वितरण के समय तौल में भी अनियमितताएं सामने आईं। आयोग ने संकेत दिया कि कुछ हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिया जा रहा था, जिसे गंभीर विषय माना गया है।

अध्यक्ष संदीप शर्मा ने किया निरीक्षण, सुधार के निर्देश

राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने स्वयं विभिन्न राशन दुकानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में दर्ज कमियों के आधार पर संबंधित खाद्य अधिकारियों को कार्रवाई और सुधार के निर्देश दिए गए हैं। राशन दुकान संचालकों के साथ बैठक कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए निगरानी और सुधार की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।


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