रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर सिटी रीजन में जुलाई 2026 के दौरान बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जून के मुकाबले जुलाई में कुल बिजली उपयोग 31.91 प्रतिशत घट गया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट के भीतर सीमित रखी, जिससे वे राज्य सरकार की राहतकारी योजनाओं का लाभ लेने की श्रेणी में आ गए।
जून के मुकाबले जुलाई में घटी बिजली खपत
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार जून 2026 में रायपुर सिटी रीजन की कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट थी, जो जुलाई में घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। यानी एक महीने में लगभग 41.89 मिलियन यूनिट बिजली की कम खपत दर्ज की गई।
400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ता हुए आधे
आंकड़ों के मुताबिक जून में 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले 1,20,615 उपभोक्ता थे, जबकि जुलाई में उनकी संख्या घटकर 60,921 रह गई। यानी इस श्रेणी के उपभोक्ताओं में करीब 50 प्रतिशत की कमी आई। दूसरी ओर, 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या जून के 1,96,777 से बढ़कर जुलाई में 2,56,471 हो गई, जो लगभग 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में लोगों ने बिजली की खपत नियंत्रित कर सरकारी राहत योजना का लाभ लेने की रणनीति अपनाई।
उच्च खपत वाली श्रेणियों में भी आई कमी
बिजली वितरण कंपनी के आंकड़ों के अनुसार: 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23% की गिरावट दर्ज की गई। इस श्रेणी की कुल बिजली खपत 38.13% कम हुई। 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99% और बिजली उपयोग 32.58% घटा।
कम खपत वाली श्रेणियों में बढ़ी उपभोक्ताओं की संख्या
रिपोर्ट के अनुसार, 0 से 100 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 53.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं 101 से 200 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। यह बदलाव ऊर्जा बचत और नियंत्रित बिजली उपयोग की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
गर्मी खत्म होने और जागरूकता का भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआत के साथ एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का उपयोग कम हुआ है। इसके अलावा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकार की राहतकारी योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश भी बिजली खपत में आई इस गिरावट की प्रमुख वजह मानी जा रही है।