छत्तीसगढ़ में सामने आए शराब दुकान कर्मियों से जुड़े 101 करोड़ रुपये से अधिक के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने बुधवार को छत्तीसगढ़ डिस्टलरी के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
Liquor Scam Case में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह मामला लगातार विस्तृत होता जा रहा है और कई स्तरों पर जांच जारी है।
Billings और Payment System में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप
जांच में सामने आया है कि सीएसएमसीएल (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के रिकॉर्ड में मैनपावर सप्लाई का काम ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेस लिमिटेड को दिया गया था, लेकिन वास्तविक संचालन, बिलिंग और भुगतान प्रक्रिया में एन. उदय राव की भूमिका अहम बताई जा रही है। आरोप है कि ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त कार्य दिवसों के भुगतान की प्रक्रिया उनके निर्देश पर की जाती थी।
Commission Network और बड़े नामों तक पहुंच की जांच
एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे वित्तीय लेनदेन में कमीशन सिस्टम भी सक्रिय था। ओवरटाइम और अन्य भुगतानों से जुड़ी रकम का समन्वय अरुणपति त्रिपाठी के माध्यम से आगे अनवर ढेबर तक पहुंचने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ी-दर-कड़ी जांच कर रही हैं।
182 करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त भुगतान सामने आया
जांच दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को तीन अलग-अलग मदों में भारी अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें लगभग 101.20 करोड़ रुपये ओवरटाइम, 12.21 करोड़ रुपये बोनस और 54.46 करोड़ रुपये अतिरिक्त कार्य दिवस के नाम पर दिए गए। इसके अलावा सर्विस चार्ज के रूप में भी करोड़ों रुपये का भुगतान दर्ज किया गया, जिससे कुल राशि करीब 182.98 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।