होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम: संविदा कर्मचारियों की नौकरी अब सुरक्षित

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम: संविदा कर्मचारियों की नौकरी अब सुरक्षित

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने संविदा पर काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब किसी भी संविदा कर्मी को बिना सुनवाई या अपील के अवसर दिए नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। सरकार ने यह व्यवस्था लागू करते हुए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

राज्य सरकार ने किया नया नियम लागू

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की नियम शाखा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी विभागाध्यक्षों, कलेक्टरों और जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए हैं कि संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने से पहले उन्हें अपील का मौका अवश्य दिया जाए। वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष पूरी सुनवाई के बाद ही अंतिम आदेश पारित किया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

राज्य सरकार का यह कदम बिलासपुर हाईकोर्ट के हालिया निर्णय के बाद आया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि संविदा कर्मियों को सेवा से पृथक करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। इसके पालन में अब शासन ने यह नया प्रावधान लागू किया है। इसके तहत, सेवा से हटाए गए कर्मचारी 60 दिनों के भीतर विभागाध्यक्ष के समक्ष अपील कर सकेंगे।

13 साल पुरानी व्यवस्था में बदलाव

अब तक छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के तहत किसी संविदा कर्मी को एक माह का वेतन देकर या एक माह की सूचना देकर हटाया जा सकता था। उस व्यवस्था में अपील का कोई प्रावधान नहीं था। नई व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी कर्मी को बिना उचित कारण और प्रक्रिया के सेवा से पृथक नहीं किया जा सके।

संविदा कर्मियों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बना नया आदेश

छत्तीसगढ़ लंबे समय से संविदा नियुक्तियों का केंद्र रहा है। सेवानिवृत्त अफसरों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक यहां संविदा पर काम करते हैं। नियमित भर्ती में देरी के कारण यह व्यवस्था वर्षों से जारी है। लेकिन अक्सर निचले स्तर के कर्मियों को अचानक हटाए जाने की शिकायतें आती थीं। अब यह नया नियम उनके लिए एक तरह का सुरक्षा कवच साबित होगा।

 


संबंधित समाचार