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साय कैबिनेट के 19 बड़े फैसले, 15 नवंबर से धान खरीदी, बिजली बिल में राहत जारी

साय कैबिनेट के 19 बड़े फैसले, 15 नवंबर से धान खरीदी, बिजली बिल में राहत जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, सड़क निर्माण, पर्यटन, खेल, उद्योग, रेलवे कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने, बिजली बिल में राहत जारी रखने, सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने सहित कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन और मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा नई रेल परियोजना, औद्योगिक निवेश, फल प्रसंस्करण, भंडारण सुविधा और सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्विकास से जुड़े निर्णय भी लिए गए।

1. 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में प्रदेश के किसानों से 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा।

किसानों को राहत देते हुए कैबिनेट ने एग्रीस्टेक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत सभी किसानों को धान बेचने के लिए पात्र माना है। ऐसे किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण धान बेचने के लिए किसानों को समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया गया है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

किसानों को सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए 360 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इसके बाद प्रदेश में कुल 3100 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी। कैबिनेट ने समितियों में खरीदी के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अतिशेष धान का नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में लिए गए निर्णय का अनुसमर्थन किया है।

2. बिजली बिल में राहत जारी, 7.25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान यानी एम-ऊर्जा योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत को पहले की तरह जारी रखने का निर्णय लिया है।

इसके साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को योजना के तहत मिलने वाली रियायत का लाभ लगातार मिलता रहेगा।

3. डामर की कीमतों में वृद्धि पर सड़क ठेकेदारों को राहत

बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए कैबिनेट ने सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है।

यह राहत छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों और लोक निर्माण विभाग के तहत राज्य वित्त पोषित सड़क परियोजनाओं के लिए दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत आने वाले कार्यों में 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक ठेकेदारों द्वारा वास्तव में खरीदी और उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर राज्य शासन बजट से अनुदान के रूप में कुल 130.88 करोड़ रुपये की राहत देगा।

वहीं, राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के उन अनुबंधों में भी मूल्य राहत दी जाएगी, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पहले प्राप्त हुई थीं। इन कार्यों में 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन पर राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए लगभग 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है।

इस निर्णय से डामरीकरण से जुड़े लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलने और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।

4. सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

नई व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मचारियों को अस्पताल में इलाज के समय चिकित्सा खर्च का भुगतान अपनी जेब से करके बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

इसके लिए पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों से जुड़ी प्रक्रिया ऑनलाइन तथा डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकालीन परिस्थितियों में कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर इलाज तथा आर्थिक राहत मिल सकेगी।

5. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी, पांच साल में 500 करोड़ का प्रावधान

प्रदेश में सड़क और अन्य अधोसंरचनाओं के विकास को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 की गाइडलाइन्स को मंजूरी दी है।

यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है, यानी हर साल 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

लोक निर्माण विभाग इस मिशन का नोडल विभाग होगा, जबकि छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।

मिशन के तहत प्रदेश के सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। अधोसंरचना संबंधी जरूरतों का डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की अग्रिम तैयारी पर जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा WAMIS और ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों का डिजिटलीकरण, GIS आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और नए वित्तीय मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।

इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय करने, निविदा से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने और समय तथा लागत में होने वाली बढ़ोतरी कम करने में मदद मिलेगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मिशन के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने हेतु लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

6. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी, पांच साल में 500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के लक्ष्य के साथ इस मिशन को अगले पांच वर्षों तक संचालित किया जाएगा। इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

मिशन के तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर अधोसंरचना, कनेक्टिविटी, जरूरी सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित की जाएगी। साथ ही होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस पहल से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।

7. राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 9 मामले वापस लेने की प्रक्रिया को अनुमति

कैबिनेट ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए आगे की कार्यवाही की अनुमति दी है।

यह अनुमति उपसमिति की 30 सितंबर 2026 को हुई बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार प्रदान की गई है। संबंधित मामलों को न्यायालय से वापस लेने की प्रक्रिया इसी अनुशंसा के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

8. नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर होगा कुंवरगढ़

मंत्रिपरिषद ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

कुंवरगढ़ को छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल बताया गया है। यह क्षेत्र अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। समय के साथ इसका नाम कूंरा प्रचलित हो गया था।

स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप कुंवरगढ़ नाम देने की मांग कर रहे थे। कैबिनेट ने इस मांग के अनुरूप नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

9. 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक के कोल गैसीफिकेशन निवेश को विशेष प्रोत्साहन

कैबिनेट ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य के विशाल कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने यानी आयात प्रतिस्थापन को प्रोत्साहित करना है।

संशोधित नीति के तहत 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय से बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और कोयले के वैकल्पिक मूल्यवर्धित उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया गया है।

10. 295 किलोमीटर लंबी नई रेल परियोजना को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

यह रेल परियोजना लगभग 295 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत करीब 8000 करोड़ रुपये है। परियोजना में 25 प्रतिशत यानी लगभग 2000 करोड़ रुपये की अंशपूंजी होगी। इसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय लगभग 1000-1000 करोड़ रुपये का योगदान देंगे।

राज्य सरकार की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, जिला खनिज न्यास (DMF) और राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी।

इस रेल परियोजना से उन क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जो अभी रेल सुविधा से वंचित हैं। इसके साथ उद्योग, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने तथा कृषि उपज को नए बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

11. पुनर्विकास योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी

कैबिनेट ने पुनर्विकास योजना के द्वितीय चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके तहत सरकारी जमीन और जर्जर परिसंपत्तियों का सुनियोजित पुनर्विकास किया जाएगा।

इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • दुर्ग का शासकीय पोल्ट्री फार्म।

  • रामानुजगंज का वेटरनरी हॉस्पिटल परिसर।

  • जशपुर में पुलिस लाइन और रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि।

  • सक्ती का बुधवारी बाजार।

  • धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि और जर्जर परिसंपत्तियां।

इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी से लागू किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना नई सरकारी परिसंपत्तियों का निर्माण करना, उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग करना, राजस्व बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

12. राजनांदगांव में भंडारण सुविधा के लिए CWC को 10 एकड़ जमीन

मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले में भंडारण सुविधा विकसित करने के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को ग्राम खपरीकला में 10 एकड़ जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

यह जमीन निर्धारित गाइडलाइन दर के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक और निर्धारित अधोसंरचना एवं पर्यावरण उपकर लेकर आवंटित की जाएगी।

इस निर्णय से जिले में भंडारण संबंधी अधोसंरचना का विस्तार होगा। साथ ही कृषि उपज और अन्य वस्तुओं को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

13. सोमनी में 400 करोड़ रुपये की मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी

राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यह परियोजना राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से स्थापित की जाएगी।

इसके लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है।

परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके तहत किसानों से सीधे फल और अन्य उपज की खरीदी की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इस परियोजना से 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे फल उत्पादक किसानों को अपनी उपज के प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं तथा नए बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

14. सुशासन एवं अभिसरण विभाग में तीन नए पदों का सृजन

मंत्रिपरिषद ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए तीन नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है।

इनमें आयुक्त/संचालक का एक पद, अपर संचालक का एक पद और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ का एक पद शामिल है।

इन पदों के सृजन से विभाग को प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, बेहतर समन्वय और पर्यवेक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही लोक प्रशासन और विधि से संबंधित विषयों में विशेषज्ञता बढ़ेगी तथा सुशासन से जुड़ी नीतियों और सुधारात्मक पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने में गति मिलेगी।

15. वन मुख्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का अस्थायी पद मंजूर

कैबिनेट ने वन मुख्यालय यानी विभागाध्यक्ष कार्यालय, अरण्य भवन, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (पे-लेवल-16) का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी है।

इस पद के सृजन से पीएम गति-शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही संबंधित कार्यों के समन्वय और पर्यवेक्षण को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

16. दिवंगत डॉ. राकेश मोहन चंदोला के परिवार को पेंशन और एरियर्स

मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के उद्देश्य से नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय के आधार पर उनके पात्र परिवारजनों को परिवार पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज का भुगतान करने की स्वीकृति दी गई है।

17. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी, 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस मिशन का उद्देश्य खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने से लेकर उन्हें पदक जीतने तक व्यवस्थित प्रशिक्षण और सहायता उपलब्ध कराना है।

इसके लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

मिशन के तहत स्कूलों और चयन शिविरों के माध्यम से टैलेंट हंट आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के जरिए भी खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी और चयनित खिलाड़ियों को AMS में पंजीकृत किया जाएगा।

इसके बाद खिलाड़ियों को अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा:

  • फीडर सेंटर: बुनियादी खेल प्रशिक्षण।

  • राज्य खेल अकादमियां: खेल-विशिष्ट उन्नत प्रशिक्षण।

  • उच्च प्रदर्शन केंद्र: विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और प्रदर्शन विश्लेषण की सुविधाएं।

10 प्रमुख खेल विधाओं में कोर और डेवलपमेंट समूह बनाए जाएंगे। पदक जीतने की संभावना वाले खिलाड़ियों को लक्षित सहायता और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अधिक अवसर यानी एक्सपोजर दिए जाएंगे।

प्रतियोगिताओं के परिणाम और निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की प्रगति तथा उन्हें दी जाने वाली सहायता की नियमित समीक्षा की जाएगी।

मिशन के पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रदेश में मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

18. औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी है।

इस बदलाव का उद्देश्य औद्योगिक भूमि के उपयोग को सरल बनाना और भूखंडों की उपलब्धता आसान करना है। इसके माध्यम से कारोबार करने की प्रक्रिया यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

संशोधन से औद्योगिक भूमि और भवनों से जुड़े विवादों में कमी लाने, खाली या अतिरिक्त भूमि का उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करने और पारदर्शी ई-नीलामी के माध्यम से भूमि आवंटन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

19. कृषक उन्नति योजना में संशोधन, धान पर प्रति एकड़ के हिसाब से मिलेगी आदान सहायता

मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन से जुड़े कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय के तहत किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। साथ ही योजना के अंतर्गत धान की फसल पर आदान सहायता राशि अब प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार के अनुसार, इस बदलाव से किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों की आय और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार का लक्ष्य है।

प्रति एकड़ के आधार पर सहायता देने से उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नई कृषि तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

 


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