NEET परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। 3 मई की परीक्षा के बाद सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों के बाद अब 21 जून को होने वाली आगामी परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
रक्षा मंत्री के आवास पर अहम बैठक
इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, NTA के महानिदेशक और शिक्षा मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। करीब 40 मिनट चली इस बैठक में परीक्षा की सुरक्षा, लॉजिस्टिक व्यवस्था और पेपर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
वायुसेना की भूमिका पर विचार
सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि परीक्षा से जुड़े लॉजिस्टिक कार्यों की जिम्मेदारी डाक विभाग की बजाय भारतीय वायुसेना को सौंपी जा सकती है। चर्चा में यह भी शामिल था कि प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग से लेकर उन्हें परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने में एयर फोर्स की सहायता ली जाए। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
पहले की गड़बड़ियों के बाद सख्ती
3 मई की परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों ने विरोध भी किया था। मामला इतना बढ़ा कि यह राजनीतिक मुद्दा बन गया और सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी वजह से अब नई परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
पीएमओ की सीधी निगरानी
सूत्रों के अनुसार NEET परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर प्रधानमंत्री कार्यालय की भी सीधी नजर है। पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े हर चरण की निगरानी की जा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नियमित रूप से अपडेट दिया जा रहा है।
21 जून परीक्षा पर फोकस
सरकार का मुख्य ध्यान 21 जून को होने वाली परीक्षा पर है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और तकनीकी सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में परीक्षा से जुड़े और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।