कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री Siddaramaiah के संभावित इस्तीफे और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं के बीच नई सरकार के स्वरूप को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य में चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का एक नया फॉर्मूला भी चर्चा में है, जिसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही जा रही है।
चार उपमुख्यमंत्री का संभावित फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित व्यवस्था में दलित, ओबीसी, लिंगायत और अल्पसंख्यक समुदाय से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर विचार हो रहा है। इस संभावित सूची में दलित वर्ग से गृह मंत्री G. Parameshwara और प्रियांक खरगे, ओबीसी वर्ग से सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया, लिंगायत वर्ग से एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय से केजे जॉर्ज, यूटी खादर और जमीर अहमद खान जैसे नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।
ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी राजनीतिक हलचल
इस बीच नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच बेंगलुरु स्थित ‘कावेरी’ आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग होने की संभावना ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। यह बैठक गुरुवार (28 मई) को प्रस्तावित बताई जा रही है, जिसमें दोनों नेताओं के बीच आगामी राजनीतिक दिशा पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की संभावना भी जताई जा रही है।
कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर नजर
सूत्रों का यह भी कहना है कि कांग्रेस हाईकमान नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद सौंपने और सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकता है। इसके साथ ही सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को भी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पोस्टर और समर्थकों की सक्रियता से बढ़ी अटकलें
हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन शिवकुमार समर्थकों की ओर से उन्हें अगला मुख्यमंत्री बताने वाले पोस्टर और सोशल मीडिया संदेशों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता स्थिति को लेकर जल्द स्पष्टता आने की बात कह रहे हैं।