होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ा झटका: 100 पार्षदों के इस्तीफे से मचा सियासी भूचाल

पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ा झटका: 100 पार्षदों के इस्तीफे से मचा सियासी भूचाल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की सत्ता संभाल रही बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की अहम बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इस घटनाक्रम को टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष और संभावित राजनीतिक टूट के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

TMC में बढ़ी नाराजगी, 100 पार्षदों ने दिया इस्तीफा

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। राज्य की अलग-अलग नगरपालिकाओं से करीब 100 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इससे पार्टी संगठन पर दबाव और बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर टीएमसी की पकड़ कमजोर होती दिखाई दे रही है।

शुभेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुईं काकोली घोष

उत्तर 24 परगना, नदिया और हुगली जिलों के प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में टीएमसी सांसद Kakoli Ghosh Dastidar की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। काकोली घोष ने हाल ही में पार्टी के जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उनके अलावा टीएमसी के छह विधायक भी बैठक में शामिल हुए, जिनमें अणीसुर रहमान बिस्वास, बीना मंडल और मोहम्मद अब्दुल मतीन जैसे नाम शामिल हैं।

हालांकि, बैठक में पहुंचे नेताओं ने इसे केवल प्रशासनिक और विकास संबंधी मुद्दों पर चर्चा बताया, लेकिन विपक्ष और राजनीतिक जानकार इसे टीएमसी में संभावित बड़े बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं।

ममता बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती

Mamata Banerjee द्वारा 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से पार्टी शायद पहली बार इतने बड़े आंतरिक संकट का सामना कर रही है। अगले साल होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले पार्टी में बढ़ती बगावत नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।

इसी बीच, कोलकाता के मेयर और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी Firhad Hakim के भी पद छोड़ने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात अलग तस्वीर दिखा रहे हैं।

बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि टीएमसी के भीतर असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के साथ टीएमसी नेताओं की बढ़ती नजदीकियां अब राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन चुकी हैं।

 


संबंधित समाचार