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घर बैठे जनगणना! छत्तीसगढ़ में शुरू होगा डिजिटल सर्वे, जानिए पूरी प्रक्रिया

घर बैठे जनगणना! छत्तीसगढ़ में शुरू होगा डिजिटल सर्वे, जानिए पूरी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य सरकार ने इस बड़े प्रशासनिक अभियान का पूरा खाका तैयार कर लिया है और इसकी सीधी निगरानी गृह विभाग द्वारा की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा सर्वे अभियान होगा, जो पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत संचालित किया जाएगा।

 1 से 30 मई तक चलेगा पहला चरण

जनगणना का पहला चरण 1 मई से शुरू होकर 30 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें मकान की स्थिति, निर्माण का प्रकार, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं, परिवार की संरचना और अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की जनसंख्या गणना की प्रक्रिया तय होगी।

62 हजार से ज्यादा कर्मचारी होंगे तैनात

इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में करीब 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें जिला स्तर से लेकर गांव स्तर तक के अधिकारी, प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं। यह पूरी टीम राज्य के 33 जिलों, नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर सुनिश्चित करेगी कि कोई भी घर या परिवार सर्वे से छूट न जाए।

पहली बार डिजिटल और स्वगणना का विकल्प

इस बार जनगणना की सबसे खास बात इसका डिजिटल स्वरूप है। नागरिक 16 से 30 अप्रैल के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी भर सकते हैं। इस प्रक्रिया को “Self Enumeration” कहा जा रहा है।

जानकारी दर्ज करने के बाद एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जिसे प्रगणक के आने पर दिखाना होगा। प्रगणक द्वारा सत्यापन के बाद ही डेटा को अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी बल्कि गलतियों की संभावना भी कम हो जाएगी।

राज्यभर में माइक्रो प्लानिंग

जनगणना के लिए राज्य सरकार ने विस्तृत माइक्रो प्लानिंग की है। यह अभियान 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और लगभग 19,978 गांवों में संचालित किया जाएगा। इसके लिए करीब 49 हजार ब्लॉक्स बनाए गए हैं, ताकि हर क्षेत्र में जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जा सके और सर्वे का काम सुचारू रूप से पूरा हो।

डेटा गोपनीयता पर विशेष जोर

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। यह डेटा केवल सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीति निर्माण के लिए उपयोग किया जाएगा।

यह भी कहा गया है कि इस जानकारी को किसी अन्य विभाग जैसे इनकम टैक्स या पुलिस के साथ साझा नहीं किया जाएगा। इससे लोगों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी देना होगा अनिवार्य

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना में जानकारी देना हर नागरिक के लिए अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति जानकारी देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 


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