Goa Fraud Crime: देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है। गुजरात CID की साइबर क्राइम सेल ने गोवा से संचालित हो रहे एक बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देशभर में फैला हुआ था और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका था।
एक साथ तीन राज्यों में छापेमारी, 16 गिरफ्तार
गांधीनगर स्थित साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की अगुवाई में पुलिस ने गोवा, वडोदरा और पालनपुर में एक साथ कार्रवाई की। इस समन्वित ऑपरेशन के दौरान कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से साइबर ठगी कर रहा था।
77 करोड़ की ठगी, 375 मामलों से जुड़ा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह गिरोह अब तक 375 साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल रहा है। इन मामलों के जरिए करीब 77 करोड़ रुपये की ठगी की गई। देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर यह नेटवर्क लगातार सक्रिय था।
मुख्य सरगना समेत कई ऑपरेटर गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड जीतूभाई ठक्कर भी शामिल है, जो गोवा से पूरे ऑपरेशन को संचालित कर रहा था। इसके अलावा वडोदरा और पालनपुर से भी कई अहम सदस्यों को पकड़ा गया है, जिनकी भूमिका अलग-अलग स्तर पर थी।
भारी मात्रा में डिजिटल सबूत जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए, जिनमें 15 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 126 सिम कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, 2 राउटर,4 खाली चेक शामिल हैं, इनका इस्तेमाल साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
कैसे काम करता था पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह पहले फर्जी कंपनियां बनाता था या लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था, जिन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है। इसके बाद ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी और आगे उसे ट्रेस करना मुश्किल बना दिया जाता था।
क्रिप्टो और डॉलर के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम
ठगी से मिली रकम को बाद में डॉलर या क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दिया जाता था। यह तरीका साइबर अपराधियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि इससे पैसे का ट्रैक करना कठिन हो जाता है।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। अन्य राज्यों से जानकारी जुटाई जा रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।