Narsinghgarh: नरसिंहगढ़ के पुरानी कोतवाली स्थित बीआरसी भवन और बीईओ कार्यालय परिसर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिस स्थान पर बच्चों की पढ़ाई होनी चाहिए, वहां साइकिलों के पुर्जी का अंबार लगा दिया गया है। कक्षाओं से लेकर स्कूल ग्राउंड तक साइकिलों को असेंबल करने का काम चल रहा है। जिससे शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सरकारी योजना के तहत वितरण के लिए लगभग 1800 साइकिलें यहां पहुंचाई गई है। इन साइकिलों के पुर्जे कक्षाओं और कार्यालयों में रखे गए है, जिससे विद्यार्थियों के बैठने तक की जगह नहीं बची। स्कूल में 16 बच्चों का नामांकन है, लेकिन अव्यवस्था के चलते उनकी पढ़ाई ठप हो गई है। स्कूल चलें हम अभियान के तहत बच्चों को स्कूल से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यहां की स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
कक्षाओं को गोदाम और कार्यशाला में बदल दिया गया है, जहां साइकिलों की असेंबली हो रही है। इससे पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है साथ ही ये शिक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल रहा है। लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। लगभग 4500 रुपए प्रति साइकिल की लागत वाली इस योजना में निगरानी के अभाव भी है। साइकिलों की संख्या में कमी आने से सरकारी संपत्ति के गायब होने की आशंका भी जताई जा रही है।
धूल खा रही है साइकिल
गौरतलब है कि इससे पहले भी साइकिल वितरण से जुड़ी अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं।जिले के ब्यावरा में डिमांड से अधिक साइकिलें आने पर उन्हें लेने से इनकार कर दिया गया था, जिसके बाद वे साइकिलें नरसिंहगढ़ भेज दी गईं। वहीं, सराय स्कूल में भी सैकड़ो साइकिलें लंबे समय तक पड़ी रहने का मामला उजागर हुआ था जो की अब तक वहीँ पड़ी हुई है और जंग खा रही है। जिससे शासन के पैसे का बड़ा दुरुपयोग हो रहा है।