भोपाल। मिसरोद स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षिका बाबिता कुशवाहा को स्कूल से हटा दिया है। छात्रों ने शिक्षिका पर मारपीट करने और छात्राओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए थे। इतना ही नही विद्यार्थियों का यह भी कहना हैं कि शिक्षिका घर का भी काम करवाती थी।
मैडम प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगती हैं
छात्रों ने यह भी बताया कि मैडम प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगती हैं। साथ ही फेल करने की धमकी देकर घर के काम कराती हैं और मना करने पर पाइप से पीटती हैं। यह पूरा मामला मिसरोद के नवीन हायर सेकंडरी स्कूल है। जहां 4 घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया।
छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में धरने पर बैठे
बता दें कि शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में सुबह से धरने पर बैठे थे। विद्यार्थियों ने कहा था कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बाबिता कुशवाहा को राज्य स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की जिम्मेदारी
मामले के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने बाबिता कुशवाहा को राज्य स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, मिसरोद स्कूल में शैक्षणिक कार्य की जिम्मेदारी अब रेणुका श्रीवास्तव को दी गई है। रेणुका श्रीवास्तव इससे पहले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरखेड़ा में पदस्थ थीं।
5 अक्टूबर से आदेश लागू
विभाग की ओर से जारी दोनों आदेश 5 अक्टूबर से तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।