होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

3 एकड़ सरकारी जमीन का सौदा? राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप

3 एकड़ सरकारी जमीन का सौदा? राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप

रायपुर जिले के ग्राम डोमा में सरकारी चारागाह भूमि से जुड़ा एक मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब तीन एकड़ शासकीय घास भूमि को नियमों के विपरीत निजी नाम पर दर्ज कर उसकी खरीद-फरोख्त कर दी गई। इस संबंध में जिला कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि विवादित भूमि की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 12 से 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

पुराने रिकॉर्ड और नए दस्तावेजों में विरोधाभास

शिकायत में दावा किया गया है कि खसरा नंबर 6/2 वर्ष 1955 से 1994 तक राजस्व अभिलेखों में शासकीय चारागाह भूमि के रूप में दर्ज था। इसके बाद वर्ष 1995 से 1998 तक के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। वर्ष 1999 के दस्तावेजों में यही जमीन निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज दिखाई देती है, जिससे रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।

बंटवारे के बाद बदली जमीन की स्थिति

शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 1992 में भूमि का बंटवारा किया गया, जिसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में कई बदलाव किए गए। बाद में जमीन की बिक्री भी हुई और वर्तमान में यह निजी स्वामित्व में दर्ज है। रिकॉर्ड में इसे कृषि भूमि बताते हुए अमरूद की खेती का उल्लेख किया गया है। इसी जमीन के आधार पर बैंक से ऋण लिए जाने की बात भी सामने आई है।

फर्जीवाड़े की आशंका, जांच की मांग

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सरकारी भूमि को निजी नाम पर दर्ज करने के लिए रिकॉर्ड में हेरफेर या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गायब रिकॉर्ड की पड़ताल करने और जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की है।

भूमि पर रोक लगाने की भी मांग

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के नामांतरण, बिक्री, बंधक या अन्य राजस्व प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही किसी वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और यदि अनियमितता साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।


संबंधित समाचार