भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता सितारा मिल गया है। सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 स्तर पर ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर IND U19 vs SA U19 मुकाबले में कप्तानी पारी खेलते हुए वैभव ने महज 63 गेंदों में शतक जड़ दिया।
कप्तानी पारी में शतक:
IND U19 vs SA U19: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत भारतीय अंडर-19 टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया। कम उम्र में मैच की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने दिखा दिया कि वह सिर्फ प्रतिभाशाली नहीं, बल्कि मैच विनर भी हैं।
जूनियर क्रिकेट से IPL तक का सफर:
वैभव सूर्यवंशी की पहचान किसी प्रचार या हाइप से नहीं, बल्कि लगातार रन बनाने की क्षमता से बनी है। जूनियर और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने पिछले आईपीएल सीजन में भी अपनी छाप छोड़ी थी। इसके बाद इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अब दक्षिण अफ्रीका में उनके अंडर-19 प्रदर्शन लगातार चर्चा में हैं।
अलग-अलग परिस्थितियों में असरदार बल्लेबाजी:
वैभव की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत है तेजी से मैच का रुख बदलने की क्षमता। वह मैदान में आते ही गैप ढूंढते हैं, लंबे शॉट खेलने से नहीं डरते और रन गति को तेजी से आगे बढ़ाते हैं। इतनी कम उम्र में उनके खेल में आत्मविश्वास और समझ साफ नजर आती है।
अश्विन भी हुए प्रभावित:
वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन ने भारतीय टीम के सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को भी प्रभावित किया है। अश्विन ने X (पूर्व में ट्विटर) पर वैभव के पिछले 30 दिनों के स्कोर साझा किए , 171(95), 50(26), 190(84), 68(24), 108(61), 46(25), 127(74). इन आंकड़ों को देखकर अश्विन ने लिखा “14 साल की उम्र में यह बच्चा जो कर रहा है, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।”
आने वाले महीने होंगे असली इम्तिहानल:
अश्विन के मुताबिक, आने वाले चार महीने वैभव सूर्यवंशी के करियर के लिए बेहद अहम होंगे। पहले अंडर-19 विश्व कप, फिर राजस्थान रॉयल्स के साथ पूरा आईपीएल सीजन जहां वह ओपनर की भूमिका में नजर आ सकते हैं। यह दौर उनके धैर्य, भूख और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होगा।
14 साल में सिर्फ रन नहीं, उम्मीदें भी जगाईं:
भारतीय क्रिकेट ने पहले भी कम उम्र के सितारे देखे हैं, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसी तेजी और प्रभाव बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलता है। अभी उनके करियर पर अंतिम फैसला देना जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना तय है कि उन्होंने 14 साल की उम्र में सिर्फ रन नहीं बनाए, उन्होंने भारतीय क्रिकेट के भविष्य की उम्मीद जगा दी है।