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NCERT की नई 9वीं की किताबें लागू: छात्रों को पढ़ाने से पहले शिक्षकों की होगी विशेष ट्रेनिंग शुरू

NCERT की नई 9वीं की किताबें लागू: छात्रों को पढ़ाने से पहले शिक्षकों की होगी विशेष ट्रेनिंग शुरू

रायपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तकों को लागू कर दिया है। इन पुस्तकों के आधार पर विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू कराने से पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में CBSE से संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के शिक्षक भी भाग ले रहे हैं।

NEP 2020 और NCF 2023 के अनुरूप तैयार हुआ नया पाठ्यक्रम

नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE) 2023 के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार की गई हैं। सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, कला शिक्षा और विभिन्न भाषाओं की पुस्तकों में व्यापक बदलाव किए गए हैं ताकि विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ को मजबूत बनाया जा सके।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी ट्रेनिंग

CBSE की ओर से शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में आयोजित किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में ऑफलाइन कार्यशालाएं संभव हैं, वहां प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों के शिक्षकों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ा जा रहा है।बोर्ड का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को नए पाठ्यक्रम की संरचना, शिक्षण पद्धति और पुस्तकों के पीछे की शैक्षणिक सोच से परिचित कराना है, ताकि वे कक्षा में प्रभावी तरीके से नई शिक्षा प्रणाली को लागू कर सकें।

रटने की बजाय समझ और कौशल पर रहेगा जोर

 नई NCERT पुस्तकों में पारंपरिक रटने की पद्धति के बजाय कॉन्सेप्ट आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। विज्ञान और गणित जैसे विषयों में ऐसे प्रश्न शामिल किए गए हैं जो विद्यार्थियों की तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करेंगे। इसके अलावा एक्सपेरिमेंटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए दैनिक जीवन के उदाहरण, गतिविधियां और वास्तविक परिस्थितियों को पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है, ताकि विद्यार्थी सीखी गई बातों का व्यवहारिक उपयोग भी कर सकें।

स्थानीय संदर्भों को भी मिला स्थान

नई पुस्तकों में स्थानीय संस्कृति, परिवेश और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों को शामिल किया गया है। इससे विद्यार्थियों के लिए विषयों को समझना आसान होगा और वे अपने आसपास के वातावरण से सीखने का बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

स्किल बेस्ड असेसमेंट पर रहेगा फोकस

 नई शिक्षा व्यवस्था के तहत मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। अब केवल लिखित परीक्षा पर निर्भर रहने के बजाय स्किल बेस्ड और क्षमता आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक समझ, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान का आकलन करना है।


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