बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति प्रक्रिया के तहत होने वाली नियुक्तियां संबंधित रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। मामला शिक्षक (टी-कैडर) के पद पर पदोन्नति से जुड़ा है। महेश राम आदिल एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 20 अगस्त 2026 को जारी उस पत्र को चुनौती दी है, जिसके आधार पर उन्हें शिक्षक (टी-कैडर) पद पर पदोन्नति के लिए अयोग्य माना जा रहा था।
TET पास नहीं करने पर पदोन्नति से बाहर करने का मामला
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि केवल TET प्राथमिक/पेपर-1 परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने के आधार पर उन्हें पदोन्नति की प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि TET क्वालिफाई नहीं होने को उनकी पदोन्नति की दावेदारी खारिज करने का एकमात्र आधार न बनाया जाए। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की विभागीय पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर पहले भी शिक्षक संगठनों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है।
पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर याचिकाकर्ताओं ने जताई आशंका
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गगन तिवारी ने कोर्ट को बताया कि संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, रायपुर संभाग ने पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए पात्र अभ्यर्थियों की जानकारी मांगी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से आशंका जताई गई कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया में उन्हें अंतरिम संरक्षण नहीं मिला तो बाद में याचिका पर अंतिम फैसला आने के बावजूद उन्हें प्रभावी राहत मिलना मुश्किल हो सकता है।
चार सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। इस पर जस्टिस बिभू दत्ता गुरु ने मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक द्वारा मांगी गई जानकारी के आधार पर की जाने वाली कोई भी पदोन्नति इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
प्रमोशन प्रक्रिया पर क्या होगा असर?
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का मतलब यह नहीं है कि याचिकाकर्ताओं को फिलहाल पदोन्नति का अंतिम अधिकार मिल गया है। कोर्ट ने फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़ी नियुक्तियों को अंतिम न्यायिक निर्णय से जोड़ दिया है। अब इस मामले में राज्य सरकार का जवाब और आगे होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि TET की शर्त के आधार पर पदोन्नति से संबंधित विवाद का कानूनी समाधान किस दिशा में जाता है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2026 के भर्ती एवं पदोन्नति नियम भी जारी किए गए हैं और विभागीय स्तर पर अलग-अलग संवर्गों की पदोन्नति प्रक्रिया से संबंधित सूचनाएं लगातार जारी की जा रही हैं।