सागर : मध्य प्रदेश की अलग-अलग जिलों में अपने अपराधों की सजा काट रहे कुछ कैदियो को कल यानि की 15 अगस्त को आजादी का तोहफा मिलने जा रहा है। इसी लिस्ट में सागर केंद्रीय जेल के 7 कैदियों के नाम शामिल है। जिन्हे उनके अच्छे चाल चलन के चलते रिहा किया जाएगा।
आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे सभी
दरअसल, जेल विभाग द्वारा हर साल स्वतंत्रता दिवस पर रिहाई नीति के तहत कैदियों को छूट का लाभ दिया जाता है. इस बार भी कैदियों को यह लाभ दिया जा रहा है। बता दें कि जिन कैदियों को रिहा किया जा रहा है। वह सभी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
जेल अधीक्षक ने दोबारा अपराध नहीं करने की अपील
इधर, कैदियों की रिहाई पर जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य ने बंदियों से दोबारा अपराध नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जेल में सीखे कौशल का उपयोग परिवार के पालन-पोषण और अच्छे समाज के निर्माण में करें।
रोजगार का दिया गया प्रशिक्षण
बता दें कि जो कैदी जेल से रहा हो रहा है, उन्हें रोजगार के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। ताकि वह बाहर जाकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके और अपने जीवन में अपराधों से तौबा कर अच्छे कार्यों को कर सके।
इनकी हो रही है रिहाई
स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय जेल से बृजबिहारी उर्फ फादर पिता राधेलाल आदिवासी, बहादुर उर्फ भभूते पिता हल्लू रैकवार, साहब सिंह पिता धनीराम आदिवासी, हरजू पिता जालम सिंह आदिवासी, संतोष पिता दुलीचंद बेरेठा, उमेश पिता उदेत अहिरवार और लखन पिता दिमान अहिरवार को रिहा किया जाएगा।