सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि प्रदेश में राजस्व संबंधी सेवाओं को तेजी से डिजिटल किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे आम नागरिकों को जमीन और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार पटवारी, तहसील या अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हरिभूमि-आईएनएच के जिला संवाद कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़-बिलाईगढ़ में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने मंत्री टंकराम वर्मा से राजस्व व्यवस्था, जिले के विकास, रेल कनेक्टिविटी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े कई सवाल किए। मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में प्रक्रियाओं को सरल और ऑनलाइन बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
राजस्व सेवाओं को ऑनलाइन करने पर जोर
मंत्री टंकराम वर्मा के मुताबिक राजस्व विभाग में लंबे समय से चली आ रही मैन्युअल प्रक्रियाओं को कम किया जा रहा है। ऑटो डायवर्सन, ऑटो नामांतरण और ऋण पुस्तिका जैसी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि द्वितीय अपील से संबंधित व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले ऐसे मामलों की सुनवाई कमिश्नर कोर्ट में होती थी, लेकिन अब इसका अधिकार कलेक्टर कोर्ट को दिया गया है। इससे एक ओर संभागीय स्तर पर काम का दबाव कम हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को दूर स्थित संभागीय मुख्यालय तक जाने की जरूरत कम होगी। मंत्री ने कहा कि राजस्व व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों को जमीन संबंधी मामलों में अधिक सुविधा देना है।
पटवारी के चक्कर से निजात दिलाने की कोशिश
पटवारी व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि समस्या पटवारी व्यवस्था से अधिक मैन्युअल कामकाज की थी। जमीन से जुड़े कार्यों को डिजिटल करने से नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। भूमि रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। पहले यह अधिकार एसडीएम स्तर पर था, जिसे अब तहसीलदारों को सौंपा गया है। सरकार का प्रयास है कि भूमि रिकॉर्ड में अनधिकृत बदलाव की संभावना को रोका जाए और जमीन की खरीद-बिक्री समेत अन्य रिकॉर्ड को भी ऑनलाइन किया जाए।
नए जिले के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का दावा
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकास पर मंत्री ने कहा कि जिला गठन के बाद प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना बड़ी चुनौती थी। उनके अनुसार, शुरुआत में कई कार्यालयों के पास पर्याप्त भवन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। सरकार की ओर से कंपोजिट भवन के निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद कई विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में संचालित किए जा सकेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि नए जिले के लिए आवश्यक संसाधनों और मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने पर सरकार का ध्यान है।
2028 के चुनाव से पहले विकास कार्यों पर जोर
वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार अपने विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सड़क, शिक्षा, खेल और सिंचाई से जुड़े विभिन्न कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नए कॉलेज भवन, स्टेडियम के उन्नयन, सड़क निर्माण और मरम्मत तथा सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। फोरलेन सड़कों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सारंगढ़ तक रेल लाइन विस्तार की उम्मीद
सारंगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि बरमकेला रेलवे लाइन के सारंगढ़ क्षेत्र तक विस्तार को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री से चर्चा हो चुकी है और संबंधित फाइल भी आगे बढ़ाई गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस परियोजना से जुड़ी प्रक्रिया में और प्रगति होगी।
नगर पालिका क्षेत्र में 35 करोड़ के कार्यों का दावा
नगर पालिका चुनाव और स्थानीय विकास कार्यों को लेकर मंत्री ने कहा कि सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 35 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सड़क, नाली, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
रेशम और कांसा उद्योग से रोजगार बढ़ाने की योजना
सारंगढ़-बिलाईगढ़ को विकसित जिले के रूप में आगे बढ़ाने की योजना पर मंत्री ने कहा कि केवल सरकारी भवन और सड़कें ही विकास का आधार नहीं हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी जरूरी है। इसी दिशा में सारंगढ़ में रेशम और कांसा आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर काम करने की बात कही गई। इसके अलावा नए कार्यालय भवन, स्टेडियम, कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को भी विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। जिले में 27 बिस्तरों वाले नए अस्पताल को मंजूरी मिलने की जानकारी भी मंत्री ने दी। उनका कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और रोजगार के क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को बेहतर प्रशासनिक एवं आर्थिक सुविधाओं वाला जिला बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।