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आज़ादी के दशकों बाद मिली राहत: चोखनपाल गांव में पहली बार राशन वितरण, ग्रामीणों ने उठाई विकास की आवाज...

आज़ादी के दशकों बाद मिली राहत: चोखनपाल गांव में पहली बार राशन वितरण, ग्रामीणों ने उठाई विकास की आवाज...

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के चोखनपाल गांव में विकास की एक नई शुरुआत देखने को मिली है। आजादी के करीब 45 साल बाद पहली बार इस गांव तक राशन पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब तक नक्सलवाद के प्रभाव के कारण यह गांव विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटा हुआ था। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था और कई बार राशन जैसी जरूरी चीजों के लिए दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता था। लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं।

नक्सल प्रभाव खत्म, उम्मीदें बढ़ीं

ग्रामीणों का कहना है कि नक्सलियों का दबाव अब काफी हद तक खत्म हो चुका है। इसके चलते गांव में सरकारी योजनाओं की पहुंच संभव हो पाई है। राशन वितरण की शुरुआत को ग्रामीण एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं।

अब मूलभूत सुविधाओं की मांग तेज

राशन मिलने के बाद अब ग्रामीणों की प्राथमिकता मूलभूत सुविधाएं बन गई हैं। गांव के लोगों ने सरकार से पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सबसे गंभीर समस्या पेयजल की है। नल-जल योजना का लाभ यहां प्रभावी रूप से नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूल और अन्य सुविधाएं अब भी अधूरी

गांव तक सड़क पहुंचने और राशन वितर शुरू होने के बावजूद शिक्षा और अन्य सुविधाएं अब भी अधूरी हैं। अब तक गांव में स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही ह सरकारी योजनाओं का नहीं मिल रहा पूरा लाभ ग्रामीणों ने पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। खासतौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अब तक अधिकांश जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचा है।

ग्रामीणों की मांग-संपूर्ण विकास

चोखनपाल के ग्रामीण अब चाहते हैं कि उनके गांव का समग्र विकास हो। वे चाहते हैं कि सरकार सिर्फ राशन तक सीमित न रहे, बल्कि गांव में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए ताकि वे भी एक बेहतर जीवन जी सकें।


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