रायपुर। राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। PCC अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता खम्हारडीह थाना परिसर के बाहर पिछले 15 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे हुए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
12 कांग्रेस नेताओं पर दर्ज केस का विरोध
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा कार्यालय घेराव और उसके बाद हुई पत्थरबाजी की घटना के मामले में पुलिस ने 12 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं, इस घटनाक्रम में पुलिस के कई जवानों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। इसी कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कांग्रेस ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
पुलिस पर दबाव में कार्रवाई करने का आरोप
धरना स्थल पर मौजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सरकार के दबाव में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक रूप देगी और कार्यकर्ता थाने के बाहर डटे रहेंगे।
भाजपा नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक राजेश मूणत और विधायक पुरंदर मिश्रा समेत अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई और केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया गया।
कांग्रेस का ऐलान
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक खम्हारडीह थाने के बाहर धरना जारी रहेगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप भी दिया जा सकता है।