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RTE की 40% सीटें अब भी खाली, तीसरे चरण की लॉटरी 10 अगस्त से; जानें कब मिलेगा एडमिशन

RTE की 40% सीटें अब भी खाली, तीसरे चरण की लॉटरी 10 अगस्त से; जानें कब मिलेगा एडमिशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में RTE Admission 2026 के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए दो चरण पूरे होने के बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभिभावक 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

5 अगस्त तक होंगे आवेदन, अगस्त में निकलेगी लॉटरी

शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, तीसरे चरण के लिए आवेदन 5 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और 10 से 14 अगस्त के बीच लॉटरी प्रक्रिया आयोजित होगी। चयनित बच्चों को 25 अगस्त तक संबंधित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।

विभाग का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू हो चुका है, जबकि तिमाही परीक्षाएं सितंबर में प्रस्तावित हैं। ऐसे में परीक्षा से पहले रिक्त सीटों को भरने का प्रयास किया जा रहा है।

नए नियम के बाद कम हुई अभिभावकों की रुचि

इस वर्ष लागू नए नियमों के अनुसार अब आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है। नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 कक्षाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार यही प्रमुख कारण है कि पिछले वर्षों की तुलना में अभिभावकों की रुचि कम देखने को मिल रही है।

राजधानी रायपुर के बड़े निजी स्कूलों में प्रवेश की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कई अन्य जिलों में पर्याप्त प्रचार-प्रसार के बावजूद सीटें खाली रह गई हैं।

राजनांदगांव में तीसरे चरण को धीमी शुरुआत

राजनांदगांव जिले में तीसरे चरण के तहत रिक्त सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है, लेकिन अब तक केवल 13 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आई है कि कुछ निजी स्कूलों ने पोर्टल पर रिक्त सीटों की जानकारी समय पर अपडेट नहीं की, जिससे अभिभावकों को आवेदन करने में परेशानी हुई।

दूसरे चरण में 126 रिक्त सीटों के लिए 705 आवेदन मिले थे, जिनमें 37 बच्चों का चयन हुआ था।

धमतरी में 450 सीटें भी पूरी नहीं भर सकीं

धमतरी जिले में इस वर्ष आरटीई के तहत केवल 450 सीटें निर्धारित की गई थीं। दो चरण पूरे होने के बाद भी 351 बच्चों का ही प्रवेश हो पाया, जबकि 119 सीटें अभी भी खाली हैं।

पहले चरण में 328 और दूसरे चरण में 23 बच्चों ने प्रवेश लिया। कई चयनित बच्चों का प्रवेश विभिन्न कारणों से पूरा नहीं हो सका।

दुर्ग-भिलाई में 463 सीटें अब भी रिक्त

दुर्ग जिले के 152 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत कुल 1,507 सीटें उपलब्ध थीं। अब तक 1,044 बच्चों ने प्रवेश लिया है, जबकि 463 सीटें अब भी खाली हैं।

पहले चरण में 946 और दूसरे चरण में 98 बच्चों ने दाखिला लिया। इसके बावजूद कई सीटें रिक्त बनी हुई हैं।

राज्यभर में यह है स्थिति

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार—

कुल निजी स्कूल: 6,857
आरटीई सीटें: 23,119
कुल आवेदन: 39,182
अब भी रिक्त सीटें: 9,424

विभाग को उम्मीद है कि तीसरे चरण के जरिए बड़ी संख्या में रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।


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