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इजरायल-हिज्बुल्लाह तनाव फिर बढ़ा: सीजफायर लागू होने के बाद ड्रोन हमलों में 20 की मौत, कई घर तबाह

इजरायल-हिज्बुल्लाह तनाव फिर बढ़ा: सीजफायर लागू होने के बाद ड्रोन हमलों में 20 की मौत, कई घर तबाह

बेरूत। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम (सीजफायर) के बाद मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। युद्धविराम लागू होने के एक दिन बाद ही दक्षिणी लेबनान में इजरायली ड्रोन और हवाई हमलों की खबर सामने आई है। इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत  हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

दक्षिणी लेबनान में रातभर हमले

लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायली युद्धपोतों और ड्रोन ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र  और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया। रातभर चले हमलों में कई आवासीय इमारतें और घर क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलों के कारण इलाके में भारी दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हुए। इसके अलावा तड़के सुबह भारी तोपखाने से भी गोलाबारी की गई, जिससे कई इलाकों में नुकसान हुआ।

सीजफायर के बावजूद क्यों हुआ हमला?

इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच सीमा पर बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए हाल ही में युद्धविराम समझौता हुआ था। यह समझौता स्थानीय समयानुसार शुक्रवार शाम लागू हुआ था। हालांकि, समझौता लागू होने के कुछ घंटों बाद ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाने शुरू कर दिए। लेबनानी सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि इजरायली हमले युद्धविराम लागू होने के बाद भी जारी रहे। वहीं इजरायली सेना का कहना है कि हिज्बुल्लाह की गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं और सेना किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए स्वतंत्र है।

अमेरिका और कतर ने निभाई थी अहम भूमिका

इस युद्धविराम समझौते को सफल बनाने में अमेरिका और कतर ने अहम भूमिका निभाई थी। सूत्रों के मुताबिक, समझौते को ईरान का भी समर्थन प्राप्त था। इसका उद्देश्य दक्षिणी लेबनान में तनाव कम करना और क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंकाओं को रोकना था। विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा हमलों ने इस शांति प्रक्रिया को गंभीर झटका दिया है और आने वाले दिनों में स्थिति और जटिल हो सकती है।

पहले भी हो चुका है भारी नुकसान

हाल के सप्ताहों में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष लगातार तेज हुआ है। इससे पहले हुए हमलों में लेबनान में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी, जबकि हिज्बुल्लाह के हमलों में कई इजरायली सैनिक भी मारे गए थे। ताजा घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें एक बार फिर मध्य पूर्व पर टिक गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि यदि दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते हैं तो क्षेत्र में व्यापक संघर्ष छिड़ सकता है।

प्रमुख बिंदु 

युद्धविराम के एक दिन बाद लेबनान में इजरायली ड्रोन और हवाई हमले।
हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत।
दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र को बनाया गया निशाना।
कई आवासीय भवन और घर क्षतिग्रस्त।
इजरायल और हिज्बुल्लाह ने एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया।
अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से हुआ था समझौता।


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