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Gariyaband Samwad 2026 : नक्सल और विकास पर Dr. हिमांशु द्विवेदी की खुली चर्चा, SP - कलेक्टर ने हर पहलू में डाला प्रकाश

Gariyaband Samwad 2026 : नक्सल और विकास पर Dr. हिमांशु द्विवेदी की खुली चर्चा, SP - कलेक्टर ने हर पहलू में डाला प्रकाश

Gariyaband Samwad 2026: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में आज संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहां हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा कर जिले में नक्सल और विकास की तस्वीर को उजागर किया। साथ ही सरकार के दो साल के कार्यकाल पर प्रकाश भी डाला।

शहर की स्थिति, विकास और नक्सल पर सीधा सवाल 

गरियाबंद के प्रेमरतन मैरिज पैलेस-रिसोर्ट में आयोजित हुए इस संवाद कार्यक्रम में जब हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कलेक्टर बीएस उइके एवं पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर से शहर की स्थिति, विकास और नक्सल से जुड़े सवाल किये तो मंच पर जनप्रतिनिधियों ने सरकार के दो साल के कार्यकाल और आगमी योजनाओं पर खुलकर प्रकाश डाला। 

गरियाबंद जिला पूर्ण तरह से नक्सल मुक्त 

कार्यक्रम के दौरान जब प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर से गरियाबंद में नक्सल की स्थिति पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि गरियाबंद पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुका है। वर्तमान में हमारे गरियाबंद जिले में तीन कैडर जो एरिया कमेट मेंबर्स सक्रिय थे। उन्होंने ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। 

आत्मसमर्पण अचानक से कैसे - डॉ. हिमांशु द्विवेदी

इस पर जवाब देते हुए पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। 

पुलिस अधीक्षक से डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने पूछा नशे का मतलब  

गरियाबंद में अधिकांशता शराब को नशे के रूप में सेवन करते हैं। लेकिन उसके अलावा जो भी नशे का सेवन करेंगे हम उसको जन जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से और शासन की विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करने का प्रयास करेंगे। 

जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर -कलेक्टर बीएस उइके

वही इसके बाद जब डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कलेक्टर बीएस उइके से जिले में शिक्षा के स्तर को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर होता जा रहा है। अगर पिछले दो साल का परीक्षा का परिणाम देखेंगे तो 12वीं में हम पहले 12व रैंक में थे। लेकिन पिछले साल 14वा रैंक में आए थे। उसी तरह हाई स्कूल में आप देखेंगे तो पहले हम 20वें पायदान पे थे। जबकि इस बार हम सातवें रैंक में आए हैं। इससे लगता है कि हम शिक्षा के क्षेत्र में कुछ तो बेहतर कर रहे हैं। जिसकी वजह से राज्य में हमारा परिणाम बेहतर हुआ। 

जिले में जल्द खुलेगा जिला अस्पताल 

शिक्षा के बाद स्वस्थ सुविधा पर प्रकाश डालते हुए कलेक्टर साहब ने कहा कि हाल ही में जिला अस्पताल स्वीकृत हुआ है। जिसका टेंडर भी हो गया है। काम हम बहुत जल्द चालू करने वाले हैं। हम कोशिश करेंगे कि यह दो वर्ष के अंतराल में बन जाए और लोगों को उसकी सुविधा मिले। कलेक्टर साहब ने आगे कहा की जिले के कुछ अंदरूनी इलाके हैं। जहां स्वास्थ्य कर्मियों की कमी होने के कारण हम अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधा लोगों को नहीं पहुंचा पा रहे हैं। तकनीकी दिक्कत भी है। जिसे बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। 

राइस मिलिंग का काम बढ़िया या रेत का खेल ज्यादा बढ़िया 

इस पर कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि जितने उत्पादन क्षमता है उस हिसाब से तो हमारे राइस मिल नहीं है। अधिकांश हमारे मिलिंग या तो रायपुर के नवापारा या धमतरी में शिफ्ट होते हैं। हमारे पास 57 राइस मिल है। उसमें से केंद्र सरकार के द्वारा हमारे 16 राइस मिल ऑलरेडी प्रतिबंधित है। इस हिसाब से हमारे पास बहुत कम क्षमता के राइस मिल है। फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं कि उससे ही मिलिंग यहां पर हो पाए। रही बात रेत के खेल की तो विष्णुदेव सहाय सरकार लगातार इस बात पर बड़ा निगाह रख रही है कि रेत के खेल को खत्म कर दिया जाए। और रही बात गरियाबंद में रेत के खेल की तो यहां कोई खेल नहीं है। सरकार बाकी जगहों की चिंता करें। 

 

 


 


 

 

 


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